दिल्ली के कनॉट प्लेस इलाके में स्थित पालिका बाजार के बारे में आपने जरूर सुना होगा। कई लोग ऐसे भी होंगे, जो इस बाजार से शॉपिंग भी किए होंगे। पालिका बाजार पूरा अंडरग्राउंड है, यानी जमीन के अंदर। खैर ये तो एक बाजार है, लेकिन आपको ये जानकर बेहद हैरानी होगी कि इस धरती पर एक ऐसा गांव भी है, जहां सभी लोग जमीन के अंदर ही रहते हैं।
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कूबर पेडी गांव, ऑस्ट्रेलिया
- फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि हम जिस अनोखे गांव की बात कर रहे हैं, उसका नाम 'कूबर पेडी' है और ये दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया में स्थित है। इस गांव की सबसे बड़ी खासियत ये है कि यहां के सभी लोग जमीन के अंदर बने घरों में रहते हैं। जमीन के अंदर बने ये घर बाहर से देखने में, तो काफी साधारण दिखते हैं, लेकिन अंदर में सुख-सुविधा की सारी चीजें मौजूद हैं।
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कूबर पेडी गांव, ऑस्ट्रेलिया
- फोटो : सोशल मीडिया
दरअसल, कूबर पेडी इलाके में ओपल की कई खदानें हैं। बता दें कि ओपल की खाली पड़े खदानों में ही लोग रहते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि ओपल क्या होता है? ओपल एक दूधिया रंग का कीमती पत्थर होता है। कूबर पेडी को दुनिया की ओपल राजधानी के तौर पर भी जाना जाता है। क्योंकि इस इलाके में दुनिया की सबसे अधिक ओपल की खदानें हैं।
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कूबर पेडी गांव, ऑस्ट्रेलिया
- फोटो : सोशल मीडिया
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कूबर पेडी में माइनिंग का काम साल 1915 में शुरू हुआ था। दरअसल, यह एक रेगिस्तानी इलाका है, इस वजह से यहां पर गर्मियों में तापमान बहुत ज्यादा और सर्दियों में बहुत कम हो जाता है। ऐसे में यहां रहने वाले लोगों को बहुत तकलीफों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या से निजात पाने के लिए लोग माइनिंग के बाद खाली बची खदानों में रहने के लिए चले गए।
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कूबर पेडी ओपल माइन्स
- फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि कूबर पेडी के इन अंडरग्राउंड घरों में गर्मियों में ना ही एसी की जरूरत पड़ती है और ना ही सर्दियों में हीटर की। आज के समय में यहां पर 1500 से ज्यादा ऐसे घर हैं, जो जमीन के अंदर हैं और लोग यही पर रहते हैं।