दुनिया में मौजूद सभी जीव-जंतू की आयु की एक निर्धारित सीमा है। यानी उस आयु को पूरा करने के बाद ही उनकी मृत्यु हो जाती है। लेकिन आपको ये जानकर हैरानी होगी की धरती पर एक ऐसा भी जीव मौजूद है, जो कभी मरता ही नहीं है। आसान शब्दों में कहें, तो इस जीव को 'अमरता का वरदान' मिला हुआ है। तो आइए जानते हैं इस खास जीव के बारे में...
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जेलीफिश
- फोटो : सोशल मीडिया
दरअसल, हम जेलीफिश के बारे में बात कर रहे हैं। अपने अजीबोगरीब गुणों की वजह से यह जीव दुनियाभर में मशहूर है। जेलीफिश एक प्रकार की मछली है, जिसकी 1500 से भी ज्यादा प्रजातियां मौजूद है। यह दिखने में पारदर्शी होती हैं, लेकिन इंसानों के लिए यह बेहद ही खतरनाक भी होती हैं। जेलीफिश अपने डंक से किसी भी इंसान को पलभर में मौत की नींद सुला सकती है।
बता दें कि यह जीव समुद्र की अथाह गहराइयों में मिलती है, जहां सूरज की रोशनी भी नहीं पहुंच पाती है। कहा जाता है कि धरती पर जेलीफिश का अस्तित्व सदियों पुराना है। यह डायनासोर के काल से ही धरती पर मौजूद हैं। जेलीफिश दुनिया की इकलौती ऐसी मछली है, जिसमें 95 फीसदी तक पानी होता है। इसी गुण के कारण यह मछली पारदर्शी दिखाई देती है। कहा जाता है कि जेलीफिश के पास दिमाग नहीं होता है, इसी कारण उसके आसपास हमेशा छोटी-बड़ी मछलियों का झुंड जमा रहता है। क्योंकि वो इसके आसपास खुद को सुरक्षित महसूस करती हैं।
जेलीफिश की लंबाई औसतन छह फीट तक होती है और इसका वजन 200 किलोग्राम तक होता है। अब तक की सबसे बड़ी जेलीफिश अमेरिका के समुद्र में मिली थी, जिसका लंबाई 7.6 फीट थी और उसकी मूंछें 120 फीट लंबी थीं। वैसे जेलीफिश दिखने में बहुत खूबसूरत लगती हैं, लेकिन अगर उनकी मूंछें किसी इंसान की त्वचा से छू जाएं तो उनका तत्काल इलाज कराना पड़ता है, क्योंकि उनकी मूंछें इतनी जहरीली होती हैं कि वो त्वचा को काफी नुकसान पहुंचाती हैं।
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जेलीफिश
- फोटो : सोशल मीडिया
जेलीफिश को कभी न मरने वाला जीव कहा जाता है, क्योंकि इसके अंदर ऐसी खासियत होती है कि इसको अगर दो भागों में भी काट दिया जाए तो यह मरती नहीं है, बल्कि उन दोनों भागों से अलग-अलग जेलीफिश का जन्म होता है।