16वीं सदी के एक मशहूर अंग्रेजी कवि ने इसका गुणगान अपने कविता में किया था। वहीं 17वीं सदी में अंग्रेजों को इसके लिए एक कानून बनाना पड़ा। ये एक लोकप्रिय नशा और जानलेवा रोग की दवा भी है। अब आपको ये कहा जाए कि ये सब बातें एक खास तरह की सब्जी के बारे में हो रही है, तो आपको चौंकना लाजमी है। इससे भी ज्यादा हैरत में डालने वाली बात ये है कि इस सब्जी का उत्पदान बिहार में किया जा रहा है।
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हॉप शूट्स का पौधा
- फोटो : सोशल मीडिया
दरअसल, हम 'हॉप शूट्स' के बारे में बात कर रहे हैं। बिहार में किसान इस सब्जी को उगा रहे हैं और उनका कहना है कि अगर केंद्र सरकार इस फसल को तवज्जो देने के लिए किसानों की मदद करे, तो उनकी आय दस गुना से भी अधिक बढ़ सकती है। 'हॉप शूट्स' और इसका जो फूल होता है, उसे 'हॉप कोन्स' कहते हैं। इसके फूल का इस्तेमाल बीयर बनाने में किया जाता है, जबकि बाकी टहनियों को खाने के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। महंगी होने की वजह से ऐसा कहा जाता है कि हॉप शूट्स खाने के लिए बैंक से लोन लेना पड़ सकता है।
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दुनिया की सबसे महंगी सब्जी
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'हॉप शूट्स' औषधीय गुणों से भरपूर होता है। इसका इस्तेमाल जड़ी-बूटी के तौर पर भी किया जाता है। दांत के दर्द में यह काफी कारगर होता है। इसके अलावा टीबी जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में भी इसका इस्तेमाल होता है। इसमें एंटीबायॉटिक के गुण पाए जाते हैं।
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हॉप शूट्स
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'हॉप शूट्स' को लोग कच्चा भी खाते हैं। हालांकि, यह काफी कड़वा होता है। इसकी टहनियों का इस्तेमाल सलाद के तौर पर किया जाता है। इसका अचार भी बनाया जा सकता है, जो खाने में काफी स्वादिष्ट और फायदेमंद होता है।
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हॉप शूट्स का पौधा
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'हॉप शूट्स' के औषधीय गुणों की पहचान सदियों पहले हो गई थी। करीब 800 ईस्वी के आसपास लोग इसे बीयर में मिलाकर पीते थे और यह सिलसिला अब तक चला आ रहा है। सबसे पहले इसकी खेती उत्तरी जर्मनी में शुरू हुई और उसके बाद यह धीरे-धीरे पूरे विश्व में फैल गया। इसकी खूबियों को देखते हुए इंग्लैंड में इसपर टैक्स (कर) भी लगाया गया था। साथ ही यह भी अनिवार्य कर दिया गया था कि बीयर बनाने में इसका इस्तेमाल जरूर हो, ताकि उसका स्वाद बढ़ जाए।