फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

भगवान राम ने भी उड़ाई थी पतंग, मकर संक्रांति से जुड़ा है पतंगबाजी का इतिहास

Sun, 13 Jan 2019 05:19 PM IST
kapil kumar फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Published by: kapil kumar Updated Sun, 13 Jan 2019 05:19 PM IST
विज्ञापन
makar sankranti 2019 first kite was flown by lord shri ram Significance of kite flying festival

मकर संक्रांति पर देश के कई शहरों में पतंग उड़ाने की परंपरा है। इसी परंपरा की वजह से मकर संक्रांति को पतंग पर्व भी कहा जाता है। कहा जाता है कि पतंगबाजी की शुरुआत चीन से हुई लेकिन कुछ विद्वानों का मत है कि चीन से पहले भारत में पतंग उड़ाने की परंपरा थी।    

makar sankranti 2019 first kite was flown by lord shri ram Significance of kite flying festival
- फोटो : Social Media

त्रेतायुग में भगवान श्री राम ने मकर संक्रांति के दिन ही अपने भाइयों और श्री हनुमान के साथ पतंग उड़ाई थी, इसलिए तब से यह परंपरा पूरी दुनिया में प्रचलित हो गई। प्राचीन भारतीय साहित्य और धार्मिक ग्रंथों में भी पतंगबाजी का काफी उल्लेख मिलता है।

makar sankranti 2019 first kite was flown by lord shri ram Significance of kite flying festival
- फोटो : Social Media

तमिल की तन्दनानरामायण में भी भगवान राम के पतंग उड़ाने का जिक्र है। प्रसिद्ध धार्मिक ग्रंथ 'रामचरित मानस' के आधार पर श्रीराम ने अपने भाइयों के साथ पतंग उड़ाई थी। इस संदर्भ में रामचरित मानस के 'बालकांड' में उल्लेख भी है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
makar sankranti 2019 first kite was flown by lord shri ram Significance of kite flying festival
Kites festival history
'राम इक दिन चंग उड़ाई। इन्द्रलोक में पहुंची जाई।।' 

इस चौपाई को लेकर बड़ा ही रोचक प्रसंग है। कहा जाता है कि श्रीराम बालक अवस्था में थे। मकर संक्रांति के अवसर पर सूर्य के उत्तरायण होने पर अयोध्या में पर्व मनाया जा रहा था। पंपापुर से हनुमानजी को बुलवाया गया था, तब हनुमानजी बालरूप में थे। भगवान श्रीराम भाइयों और मित्र मंडली के साथ पतंग उड़ाने लगे। इसी दौरान उन्होंने पंतग के धागे को इतना ढीला कर दिया कि पतंग देवलोक तक पहुंच गई। तभी उस पतंग को देखकर इन्द्र के पुत्र जयंत की पत्नी बहुत आकर्षित हो गईं। वह उस पतंग और पतंग उड़ाने वाले के प्रति सोचने लगीं।

 
विज्ञापन
makar sankranti 2019 first kite was flown by lord shri ram Significance of kite flying festival
'जासु चंग अस सुन्दरताई। सो पुरुष जग में अधिकाई।।'

जयंत की पत्नी ने आकर्षक पतंग को लेकर सोच में पड़ गईं कि जब पतंग इतनी सुंदर है तो इसे उड़ाने वाला कितना सुंदर होगा?  मन में इस भाव के चलते उन्होंने पतंग पकड़ ली और अपने पास रख ली। उन्होंने सोचा उड़ाने वाला अपनी पतंग लेने के लिए अवश्य आएगा, वह प्रतीक्षा करने लगीं। उधर पतंग पकड़ लिए जाने के कारण पतंग दिखाई नहीं दी, तब बालक श्रीराम ने बाल हनुमान को उसका पता लगाने के लिए भेजा। 

 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed