आए दिन आप तेंदुए द्वारा किए गए हमलों की खबर सुनते होंगे। लेकिन ये घटना दूसरी घटनाओं से बिल्कुल अलग है। जहां एक बच्चे की बहादुरी सामने आई है। दरअसल, महाराष्ट्र के ठाणे जिले में 14 साल के लड़के ने अपनी जान जोखिम में डालकर तेंदुए के कैद से अपने सात साल के भाई की जान बचाई।
2 of 5
प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : अमर उजाला
घटना के दिन नरेश कालूराम और उसका छोटा भाई हर्षद विट्ठल भाला दोनों अपने दादी के साथ पास के जंगल में गए हुए थे। बच्चों की दादी जंगलों में अपने काम में व्यस्त हो गई। इस दौरान दोनों भाई जामुन की खोज में जंगल के अंदर चले गए। इस दौरान झाड़ियों में छिपा तेंदुआ बाहर निकल आया और बड़े भाई पर हमला कर दिया।
3 of 5
प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : file photo
इस दौरान जब बड़ा भाई किसी तरह बच गया तो तेंदुआ छोटे भाई पर हमला कर दिया। ये देखकर बड़ा भाई घबरा गया और उसने अपने छोटे भाई को बचाने के लिए तरकीब सोची। इस दौरान उसने डंडा और पत्थर से तेंदुए पर हमला बोल दिया। हमले से परेशान होकर तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया।
4 of 5
प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद दोनों भाई ने चिल्लाकर आसपास वालों को घटना की खबर दी। शोर सुनकर दादी वहां पहुंची, जिसके बाद दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके अगले ही दिन जंगल अधिकारियों ने तेंदुए को मृत पाया।
5 of 5
प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : amar ujala
तेंदुए को संजय गांधी नेशनल पार्क में पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार तेंदुए को किसी प्रकार की बाहरी चोटें नहीं आई है। डॉक्टरों का कहना है कि काफी उम्र हो जाने के कारण उसकी मौत हो गई है।