भारत और म्यांमार की सीमा के पास एक झील है, जिसे 'लेक ऑफ नो रिटर्न' के नाम से जाना जाता है। यह झील कुछ रहस्यमयी घटनाओं के कारण पूरी दुनिया में कुख्यात है। कहते हैं कि इस झील के पास आज तक जो भी गया, वो कभी लौट कर नहीं आ सका।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social media
यह रहस्यमयी झील अरुणाचल प्रदेश में स्थित है। कहते हैं कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिकी विमान के पायलटों ने यहां पर समतल जमीन समझकर आपातकालीन लैंडिंग करा दी थी, लेकिन उसके बाद वो जहाज पायलटों सहित रहस्यमयी तरीके से गायब हो गया था।
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लेक ऑफ नो रिटर्न, अरुणाचल प्रदेश
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बाद में इसी क्षेत्र में काम करने वाले अमेरिकी सैनिकों को झील और गायब होने वाले जहाज और पायलटों का पता लगाने के लिए भेजा गया, लेकिन वो भी वहां से वापस नहीं लौट सके।
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लेक ऑफ नो रिटर्न, अरुणाचल प्रदेश
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इस झील से जुड़ी एक और कहानी खूब प्रचलित है, जिसके अनुसार, द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जापानी सैनिक वापस लौट रहे थे, लेकिन वो रास्ता भटक गये। वो जैसे ही झील के पास पहुंचे, वहां मौजूद रेत में धंस गये और रहस्यमयी तरीके से गायब हो गये।
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लेक ऑफ नो रिटर्न, अरुणाचल प्रदेश
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यहां अक्सर लोग घूमने के लिए आते रहते हैं, लेकिन झील के अंदर जाने की हिम्मत वो भी नहीं कर पाते हैं। कहते हैं कि इस झील के रहस्य का पता लगाने की काफी कोशिश की गई, लेकिन अब तक नाकामी ही हाथ लगी है।