आजकल दुनिया में टैटू बनवाने का ट्रेंड चल रहा है। आज हम आपको टैटू से जुड़ी कई ऐसी बता रहे हैं जो न तो पहले आपने कभी सुनी होगी न कभी पढ़ी होगी। टैटू बनवाना कितना सही या गलत होता है साथ ही भाग्य, ग्रहों का टैटू कनेक्शन क्या होता है। भारत के इस अनोखे टैटू इंसान को शायद ही आप जानते होंगे। आपने कान, जीभ और आंखों पर टैटू तो सुना होगा लेेकिन आंखों पर नहीं सुना या देखा होगा, तो पढ़िए और देखिए यह रिपोर्ट।
इंडिया टैटू मैन- दिल्ली के रहने वाले करण को शायद ही आप जानते हों, करण दिल्ली के रहने वाले हैं और पेशे से टैटू आर्टिस्ट हैं। उन्होंने अपनी आईबॉल्स पर टैटू बनवाया है जो देखते ही देखते इंटरनेट पर हिट हो गया है। वो पहले भारतीय हैं जिन्होंने अपनी आंखों में टैटू बनवाया है। इससे पहले देश में किसी ने ऐसा नहीं किया। करण ने ये टैटू उसी शख्स से बनवाया है जिसने आईबॉल टैटू इजात किया था।
करण ने कहा कि इसके लिए वो खास न्यूयॉर्क गए थे और वहां जाकर टैटू बनवाया, आईबॉल टैटू बनवाने में लाखों का खर्चा आता है। करण ने इस पर काफी रिसर्च की, अपने परिवार वालों और दोस्तों से भी बात की और जब उन्हें यकीन हो गया कि ये सेफ है, तभी करण ने आईबॉल टैटू बनवाने का निर्णय लिया। दरअसल कुछ समय पहले ही एक कैनेडियन महिला की आंख पर टैटू सही से न बन पाने के कारण उनकी एक आंख से दिखना बंद हो गया था।
टैटू का इतिहास : शरीर के किसी भी अंग में कोई अकृति गुदवाना, नाम लिखवाना, कोई धार्मिक चिन्ह बनवाने की परंपरा हमारे देश में सदियों से रही है। हजारों साल पहले लोग नाक, गले, पेट या हाथ में कुछ लिखवाया करते थे या कोई आकृति बनवाते थे, जिसे अलग-अलग क्षेत्रिय भाषाओं में अलग-अलग नाम से जाना जाता था। कुछ इलाके में इसे आज भी गोदना गोदवाना कहा जाता है, इसी गोदने का आधुनिक रूप टैटू है।
टैटू का हमारे शरीर पर, मन पर और जीवन पर सीधा असर पड़ता है, खासकर उन टैटू का जो कि किसी आकृति के रूप में होते हैं। यानी यदि आप ने अपने शरीर में कोई आकृति बनवाई है तो उसका प्रभाव आपके मन, शरीर और व्यवहार में आना तय है।