अगर प्रकृति के अद्भुत नजारे को काफी करीब से देखने का मन है, तो आइलैंड यानी द्वीप से बेहद खूबसूरत जगह कुछ और नहीं हो सकती है। क्योंकि आइलैंड की खूबसूरती ऐसी होती है कि वो किसी भी इंसान का मन मोह लेती है। लेकिन आज हम आपको इस लेख के माध्यम से दुनिया के एक ऐसे खूबसूरत द्वीप के बारे में बताएंगे, जहां कभी खतरनाक अपराधी कैद कर रखे जाते थे।
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फर्नांडो डी नोरोन्हा द्वीप
- फोटो : Facebook/SC Viagens e Turismo
दरअसल, हम बात कर रहे हैं ब्राजील के फर्नांडो डी नोरोन्हा द्वीप समूह की। सफेद रेत वाले तटों और हरे-भरे पहाड़ी जंगलों से घिरे इस द्वीप समूह के आसपास कुल 20 छोटे-छोटे द्वीप हैं। वैसे इस द्वीप पर घूमने की चाहत, तो बहुत लोग रखते हैं, लेकिन यहां आने के लिए विशेष इजाजत लेनी पड़ती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस द्वीप पर एक दिन में केवल 420 पर्यटकों को ही आने की इजाजत मिलती है।
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फर्नांडो डी नोरोन्हा द्वीप
- फोटो : Facebook/Scienze Fanpage
फर्नांडो डी नोरोन्हा द्वीप समूह का मुख्य द्वीप 28.5 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है और इसका निर्माण ज्वालामुखीय चट्टानों से हुआ है। आपको बता दें कि पुर्तगाल के समुद्री यात्री फर्नांडो डी नोरोन्हा ने इस द्वीप की खोज 16वीं सदी में की थी। इसके बाद डच और पुर्तगाल दोनों देशों की सेनाएं इसका इस्तेमाल करती थीं। लेकिन 1700 ईस्वी के आसपास इसे जेल में बदल दिया गया था।
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फर्नांडो डी नोरोन्हा द्वीप
- फोटो : Facebook/PANROTAS
20वीं सदी के मध्य तक यहां के मुख्य द्वीप का इस्तेमाल कैदखाने की तरह होता था। ब्राजील के कातिलों, चोरों, बलात्कारियों और राजनीतिक कैदियों को सजा काटने के लिए इस द्वीप पर भेजा जाता था। बता दें कि फर्नांडो डी नोरोन्हा को यूनेस्को ने वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित किया है। ब्राजील तट से दूर यह एकमात्र द्वीप है जहां आबादी रहती है।
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फर्नांडो डी नोरोन्हा द्वीप
- फोटो : Facebook/PANROTAS
फर्नांडो डी नोरोन्हा की जेल 1957 में बंद कर दी गई, लेकिन कुछ पूर्व कैदी यहां से कभी वापस नहीं गए। उन्होंने इस द्वीप को ही घर बना लिया, जहां आज भी उनके वंशज रहते हैं। फर्नांडो डी नोरोन्हा आने वाले मेहमान आज भी उस कैदखाने के खंडहरों को देख सकते हैं।