फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

इस प्रकार से लैब में तैयार किए जाते हैं हीरे, इंसानों के शरीर से भी बन सकता है डायमंड

Thu, 24 Jun 2021 01:22 PM IST
संकल्प सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संकल्प सिंह Updated Thu, 24 Jun 2021 01:22 PM IST
विज्ञापन
How diamond is created in laboratory know all about it
हीरा - फोटो : iStock
हीरों को अब विज्ञान की प्रयोगशालाओं के भीतर भी बनाया जा सकता है। लंबे समय से हीरों को खनन द्वारा पृथ्वी के गर्भ से बाहर निकाला जाता था। निरंतर हो रही वैज्ञानिक उन्नति के चलते अब इस काम को लैब के भीतर भी अंजाम दिया जाने लगा है। रासायनिक रूप से हीरे शुद्ध कार्बन के बने होते हैं। अगर इसे काफी ज्यादा तापमान पर गर्म किया जाए तो ये कार्बन डाइऑक्साइड बन जाएगा। हीरा काफी दुर्लभ पदार्थ है। इसी वजह से इनकी कीमत काफी महंगी होती है। आपको जानकर आश्चर्य होगा विश्व भर में डायमंड इंडस्ट्री का मार्केट कैप करीबन 80 बिलियन डॉलर का है। हीरों को खनन द्वारा निकालने में काफी मेहनत लगती है। इसमें बहुत ज्यादा मात्रा में पानी की बर्बादी होती है। इसके अलावा जहां पर हीरों का खनन किया जाता है वहां पर हजारों-हजार पेड़ों को काट दिया जाता है। खनन के दौरान मजदूरों को बेहद ही खतरनाक परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। ऐसे में प्रयोगशाला में बने हीरे आने वाले दौर में गेम चेंजिंग चीज साबित हो सकती है। 
How diamond is created in laboratory know all about it
हीरा - फोटो : pixabay
पृथ्वी के गर्भ में जब तापमान काफी गर्म होता है, उस वक्त कार्बन के एटम आपस में जुड़ने लगते हैं और हीरा बनकर तैयार होने लगता है। इसी प्रविधि को अमल में लाकर अब हीरों को प्रयोगशालाओं में तैयार किया जा रहा है। प्रयोगशाला में हीरे को बनाने के लिए एक विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। 
How diamond is created in laboratory know all about it
हीरा - फोटो : pixabay
इसमें हाइड्रोकार्बन गैस के मिश्रण को 800 डिग्री सेल्सियस पर गर्म किया जाता है। इस कारण कार्बन के एटम टूटने लगते हैं और परत दर परत हीरे के आकार की खोल में जमा होने लगते हैं और एक क्रिस्टल के रूप में बदल जाते हैं। इस प्रकार प्रयोगशाला के भीतर हीरा बन कर तैयार होता है।  
विज्ञापन
विज्ञापन
How diamond is created in laboratory know all about it
हीरा - फोटो : pixabay
आपको जानकर आश्चर्य होगा लेकिन हीरों को इंसान और जानवरों के शरीर से भी बनाया जा सकता है। हमारे शरीर की संरचना में कार्बन के एटम का बहुत बड़ा योगदान है। अगर कार्बन नहीं होता तो पृथ्वी पर जीवन भी संभव नहीं हो पाता। इसी वजह से कार्बन को जीवन का मूलाधार माना जाता है। अगर किसी मृत जानवर या इंसान के शरीर से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को निकाल दिया जाए तो शरीर के टिशू के अंदर शुद्ध रूप में कार्बन बचेगा।
 
विज्ञापन
How diamond is created in laboratory know all about it
हीरा - फोटो : shutterstock.com
बाद में इन टिशू को प्रयोगशालाओं में उच्च तापमान पर गर्म किया जाता है। इसके बाद उस पर खूब दबाव डाला जाता है, तत्पश्चात शरीर के ऊतकों से हीरा बनकर तैयार होता है। दुनिया में कई बड़ी कंपनियां हैं जो इंसान और जानवरों के अवशेषों को हीरे में बदलने का काम करती हैं। इस प्रक्रिया में काफी ज्यादा खर्चा आता है। वहीं पारंपरिक रूप से हीरों को खनन करके निकालने से जलवायु पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस कारण कई बड़ी कंपनियां अब प्रयोगशालाओं में हीरे बनाने का विकल्प तलाश रहीं हैं। ऐसे में प्रयोगशालाओं में बनने वाला हीरा डायमंड इंडस्ट्री में एक बहुत बड़ी क्रांति लेकर आ सकता है। इसके चलते भविष्य में होने वाली पर्यावरणीय क्षति से बचा जा सकता है।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed