वैज्ञानिकों ने जुरासिक काल ( डायनासोरों के साम्राज्य ) के उड़ने वाले डायनासोर के जीवाश्म को खोजा है। यह जीवाश्म हाल ही में स्कॉटलैंड के आयल ऑफ स्काई में समुद्र के किनारे मिला है जो टेरोसॉर प्रजाति का डायनासोर था। खोजा गया डायनासोर 8 फीट बड़ा है जिसे वैज्ञानिकों ने शैतान जैसा नाम दिया है।
इस डायनासोर को वैज्ञानिकों ने जार्क स्कीएनएक नाम दिया है। जिसका पहला मतलब होता है, पर वाली छिपकली, दूसरा, आसामान से आई छिपकली। वैज्ञानिकों का कहना है कि जार्क स्कीएनएक जुरासिक काल का टेरोसॉर है। 20.13 करोड़ साल से लेकर 14.50 करोड़ साल तक यह काल था। यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग में इवोल्यूशन और पैलियोंटोलॉजी के प्रोफेसर स्टीव ब्रुसेट का कहना है कि जुरासिक काल का जार्क स्कीएनएक सबसे बड़ा डायनासोर था।
2 of 4
वैज्ञानिकों ने खोजा करोड़ों साल पुराना 'उड़ने वाला शैतान'
- फोटो : Pixabay
उन्होंने बताया है कि जार्क स्कीएनएक कोई डायनासोर नहीं था बल्कि एक कशेरुकीय जीव था जो उड़ सकता था। टेरोसॉर पक्षियों से 5 करोड़ साल पहले ही उड़ना शुरू कर दिया था। अब तक मिले डायनासोर की प्रजाति में टेरोसॉर सबसे पुराना है। माना जाता है कि यह 23 करोड़ साल पुराना है जो एक ट्राइएसिक समय था।
3 of 4
वैज्ञानिकों ने खोजा करोड़ों साल पुराना 'उड़ने वाला शैतान'
- फोटो : Pixabay
सबसे बड़े टेरोसॉर का नाम क्वेटजालकोटलस था जिसके विंगस्पैन की लंबाई 36 फीट थी। इसका आकार किसी छोटे विमान के बराबर था। यह करीब सात करोड़ साल पहले की बात है। डायनासोर की इस प्रजाति को उड़ने के लिए कम वजन की जरूरत होती थी और हल्की हड्डियों की। इसकी वजह से इनके जीवाश्म मिलने में कठिनाई होती है, क्योंकि इनकी हड्डियां जल्दी गल जाती थीं।
4 of 4
वैज्ञानिकों ने खोजा करोड़ों साल पुराना 'उड़ने वाला शैतान'
- फोटो : Pixabay
पैलियोंटोलॉजी की प्रमुख शोधकर्ता नतालिया जैगीलेस्का का कहना है कि स्कॉटलैंड में मिला जीवाश्म 16 करोड़ साल पुराना है। यह अपने जिन नुकीले दांतों से मछली पकड़ते थे वो अभी भी सुरक्षित हैं। इसके जीवाश्म को देखने के बाद पता चलता है कि यह पूरी तरह विकसित नहीं हो पाया और इससे पहले ही मर गया था।