स्ट्रिंग थ्योरी के को-फाउंडर मिचिओ काकू अपनी पुस्तक द फ्यूचर ऑफ ह्यूमेनिटी में सभ्यता के तीन चरण के बारे में बताते हैं Type-1, Type-2 और Type-3 Civilization। Type-1 सिविलाइजेशन वह सभ्यता होती है, जो अपने प्लेनेट को पूरी तरह कंट्रोल करके उसकी ऊर्जा का इस्तेमाल करती है। वहीं Type-2 सिविलाइजेशन में उन्होंने उस सभ्यता को रखा है, जो अपने सौर मंडल को नियंत्रित कर सकती है और अपने सूर्य की ऊर्जा का इस्तेमाल अपने विकास के लिए करती है। अंत में आती है Type-3 सिविलाइजेशन। Type-3 सभ्यता पूरी आकाशगंगा को कंट्रोल करने की क्षमता रखती है। हमारा ब्रह्मांड 90 बिलियन प्रकाश वर्ष में फैला हुआ है। ऐसे में इस बात की एक बड़ी संभावना जताई जाती है कि अंतरिक्ष में ऐसी इंटेलिजेंट लाइफ जरूर इवोल्व हुई होगी, जो टाइप-1,2 या 3 के चरण को पूरा करती हो। आज जिस फर्मी पैराडॉक्स की बात हम करने जा रहे हैं, उसका संबंध इसी के साथ जुड़ा है। आइए जानते हैं इस अनोखे फर्मी पैराडॉक्स के बारे में -
Fermi Paradox: आखिर हम लोगों की मुलाकात एलियंस के साथ क्यों नहीं हो रही? जानिए क्या कहती है इस पर फर्मी पैराडॉक्स थ्योरी
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संकल्प सिंह
Updated Sun, 24 Oct 2021 01:00 PM IST
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