देश में कोरोना वायरस के मामलों लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में मरीजों को ऑक्सीजन से लेकर अस्पतालों में बेड की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही मरीज को अस्पताल पहुंचाने और मृत शव को श्मशान तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस भी नहीं मिल रही है। इतना ही नहीं श्मशान में अंतिम-संस्कार के लिए भी परिजनों को 5-6 घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है। कुछ ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश के आगरा से सामने आया है।
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कार की छत पर पिता की लाश
- फोटो : सोशल मीडिया
दरअसल, एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण मोहित नामक एक शख्स ने अपने पिता की शव को कार की छत पर बांधकर श्मशान में ले आया। मोहित जब अपने पिता की लाश को कार पर बांधकर ले जा रहा था, तो देखने वालों के आंखों से आंसू आ गए। श्मशान पहुंचने के बाद मोहित ने देखा कि वहां का नजारा और भी हैरान करने वाला था। क्योंकि वहां पहले से कई लोग दाह-संस्कार के लिए आए हुए थे और कई घंटे से इंतजार कर रहे थे।
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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : Pixabay
कई घंटों के इंतजार के बाद जब मोहित का नंबर आया और उसने पिता की लाश को कार की छत से उतार कर उनका अंतिम संस्कार किया। बता दें कि आगरा में संक्रमितों की संख्या 600 पार कर गई है। आगरा के कोई भी निजी अस्पताल फिलहाल मरीजों की भर्ती नहीं ले रहे हैं।
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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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खबरों के मुताबिक, आगरा के ताजगंज श्मशान में 20 घंटे तक लगातार चिमनियां चल रही हैं। रोजाना यहां कम से कम 50 शव अंतिम संस्कार के लिए आते हैं। श्मशान में हालात ऐसी हो गई है कि शाम होते-होते लोगों को दाह-संस्कार के लिए 6 घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है।
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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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कोरोना संक्रमण के कारण देश भर के अस्पताल फुल चल रहे हैं, जिससे लोगों को इलाज के लिए काफी भटकना पड़ रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि पांच में से चार मामले ऐसे हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत ही नहीं है। अगर थोड़ी सी सतर्कता और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए, तो कोरोना संक्रमण को घर पर रहते हुए ही मात दिया जा सकता है।