फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

दुनिया में पहली बार यहां उगा था लौंग का पेड़, 3 हजार साल पुराना है इतिहास

Wed, 20 Feb 2019 07:24 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Published by: सोनू शर्मा Updated Wed, 20 Feb 2019 07:24 PM IST
विज्ञापन
Clove tree was grown on the island of Ternate Indonesia for the first time in the world
Clove - फोटो : Social media

लौंग का इस्तेमाल तो आपने किया ही होगा, या तो मसाले के रूप में या दांत में दर्द होने पर। इस मसाले का उपयोग भारतीय खानों में बहुत किया जाता है। आज भले ही लौंग दुनियाभर में अपनी पहचान बना चुका है, लेकिन क्या आपको पता है कि दुनिया में पहली बार लौंग का पेड़ कहां उगा था? इसका एक लंबा इतिहास है।

Clove tree was grown on the island of Ternate Indonesia for the first time in the world
Clove Tree - फोटो : Social media

बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आज से करीब तीन हजार साल पहले लौंग का पेड़ सिर्फ पूर्वी एशिया के कुछ द्वीपों पर ही हुआ करता था। कहा जाता है कि इंडोनेशिया के टर्नेट द्वीप पर दुनिया का सबसे पुराना लौंग का पेड़ है। 

Clove tree was grown on the island of Ternate Indonesia for the first time in the world
clove - फोटो : लौंग

टर्नेट द्वीप के ज्यादातर हिस्से में ज्वालामुखी हैं, लेकिन फिर भी यहां बड़ी संख्या में लोग घूमने आते हैं। बीबीसी की रिपोर्ट कहती है कि 3-4 हजार साल पहले टर्नेट, टिडोर और उसके आस-पास के कुछ द्वीपों पर लौंग के पेड़ पाए जाते थे। लौंग का कारोबार करके इन द्वीपों पर रहने लोग उस समय काफी अमीर हो गए थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Clove tree was grown on the island of Ternate Indonesia for the first time in the world
Ternate Island - फोटो : Social media

कहते हैं कि जब टर्नेट और टिडोर के सुल्तानों के पास लौंग के कारोबार से काफी दौलत आ गई, तो वो खुद को कुछ ज्यादा ही ताकतवर समझने लगे और आपस में ही लड़ने लगे। इस बात का फायदा उठाकर अंग्रेज और डच कारोबारियों ने उन इलाकों पर कब्जा कर लिया, जहां भारी मात्रा में लौंग पाए जाते थे। कई सालों तक ये द्वीप यूरोपीय देशों के उपनिवेश रहे हैं। 

विज्ञापन
Clove tree was grown on the island of Ternate Indonesia for the first time in the world
Ternate Island - फोटो : Social media

इन द्वीपों पर कई तरह के जीव-जंतु भी पाए जाते हैं। यहां उड़ने वाले मेंढक भी पाए जाते हैं। उन्नीसवीं सदी में अंग्रेज वैज्ञानिक अल्फ्रेड रसेल वॉलेस ने नई नस्लों की खोज में इन द्वीपों पर कई साल बिताया था। साल 1862 में जब वो वापस लंदन चले गए, वो अपने साथ करीब सवा लाख से भी ज्यादा प्रजातियों के नमूने लेकर गए थे। आज उन्हीं की वजह से हमें जानवरों की कई सारी नस्लों के बारे में जानकारी मिली है। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed