Solar Storm: अतंरिक्ष में आए दिन ऐसी घटनाएं घटती हैं जिनका असर धरती पर पड़ता है। अब इस बीच एक ऐसी ही घटना घटित हुई है जिसका असर धरती पर पड़ सकता है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्पेस साइंसेज (CESSI) ने बताया है कि सूरज पर एक लहर उठी है जो अब अतंरिक्ष में आगे बढ़ रही है। CESSI के मुताबिक, इसका असर धरती पर उपग्रह संचार और जीपीएस पर पड़ सकता है।
इससे कुछ दिनों पहले ही धरती को सूरज से उठे भीषण सौर तूफान का सामना करना पड़ा था। इस सौर तूफान का असर दक्षिण पूर्वी एशिया से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक दिखा था। अमेरिकी अंतरिक्ष मौसम भविष्यवाणी केंद्र ने बताया कि जियोमैग्नेटिक तूफान की वजह से दोनों महाद्वीपों में शार्टवेब रेडियो पर असर पड़ा था। अब एक बार फिर सूरज से सौर लहर उठी है जिसका प्रभाव धरती पर पड़ने का खतरा मंडरा रहा है। आइए जानते हैं इस सौर तूफान का धरती पर क्या असर होगा?
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सूरज से उठा शक्तिशाली सौर तूफान
- फोटो : iStock
कोलकाता में मौजूद भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान में सीईएसएसई के एसोसिएट प्रोफेसर एवं समन्वयक दिब्येंदु नंदी ने बताया है कि सौर मैग्नेटिक सक्रिय क्षेत्र एआर 12992 से समन्वित ग्लोबल टाइम तीन बजकर 57 मिनट पर चमक पैदा हुई जिसे एक्स 2.2 श्रेणी की सौर लहर बताया गया है।
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सूरज से उठा शक्तिशाली सौर तूफान
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सूरज से निकली यह सौर लहर बेहद शक्तिशाली होती है जिसकी वजह से इसको एक्स श्रेणी में रखा गया है। CESSI ने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया है कि इस सौर लहर से भारत, दक्षिणपूर्व एशिया और एशिया प्रशांत क्षेत्र में आयन मंडलीय उभार हो रहा है।
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सूरज से उठा शक्तिशाली सौर तूफान
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आयन मंडलीय उभार इलेक्ट्रिक बिजली ग्रिड, नौवहन सिग्नल को प्रभावित कर सकता है। इससे अंतरिक्षयानों को भी खतरा पैदा हो सकता है और अंतरिक्ष यात्रियों पर भी जोखिम की आशंका है। इसके साथ ही संचार में परेशानी हो सकती है।
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सूरज से उठा शक्तिशाली सौर तूफान
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बताया जा रहा है कि इस सौर तूफान की वजह से सैटेलाइट में दिक्कतें आ सकती है। इसके साथ ही जीपीएस और विमान संचार भी प्रभावित हो सकता है। इस सौर लहर का सीईएसएसआई में वैज्ञानिक अध्ययन कर रहे हैं।