Black Hole In Milky Way: वैज्ञानिकों ने पहली बार आकाशगंगा के केंद्र में स्थित ब्लैक होल की तस्वीर जारी की है। इस ब्लैकहोल का नाम सैजिटेरियस ए है जो हमारे सूरज के द्रव्यमान से चालीस लाख गुना बड़ा है। चिली के यूरोपियन साउदर्न ऑब्जरवेटरी के वेरी लार्ज टेलिस्कोप इंटरफेरोमीटर से आकाशगंगा के केंद्र की तस्वीर ले रहे थे। इसी दौरान उनको आकाशगंगा के केंद्र में अचानक रहस्यमयी ब्लैक होल सैगिटेरियस ए नजर आया। यह ब्लैक होल कुछ सेकेंड के लिए नजर आता था फिर लापता हो जाता था।
इस परिणाम से यह प्रमाण मिलता है कि कोई चीज अगर एक ब्लैक होल है, तो इसके बारे में कई जानकारियां सामने आ सकती हैं। शोधकर्ताओं को लगता है कि यह ज्यादातर आकाशगंगा के केंद्र में रहते हैं। इवेंट होराइजन टेलीस्कोप सहयोग में शामिल शोधकर्ताओं की इंटनेशनल टीम ने इस तस्वीर को तैयार किया है जिसके लिए रेडियो टेलीस्कोप के एक विश्वव्यापी नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया है।
2 of 6
सबसे नजदीकी ब्लैक होल की पहली तस्वीर आई सामने
- फोटो : iStock
वैज्ञानिकों द्वारा ली गई तस्वीर में एक सेंट्रल डार्क रीजन दिख रहा है जो ब्लैक होल है। गुरुत्वाकर्षण बलों के माध्यम से यह पूरा क्षेत्र सुपर-हीटेड गैस से निकलने वाले प्रकाश से घिरा रहता है। हमारे सौरमंडल से सैगिटेरियस ए नाम का ये ब्लैकहोल करीब 27, 000 प्रकाश वर्ष दूर है जिसकी वजह से इस ब्लैक होल के गुरुत्वाकर्षण से सौर मंडल को किसी प्रकार का खतरा नहीं है।
3 of 6
सबसे नजदीकी ब्लैक होल की पहली तस्वीर आई सामने
- फोटो : istock
द एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लेटर्स के एक विशेष अंक में यह खोज प्रकाशित की गई है। यह इस बात का सबूत है कि वैज्ञानिकों ने जिस वस्तु को खोजा है वह एक ब्लैक होल है। वैज्ञानिकों द्वारा जारी की गई तस्वीर ब्लैकहोल का पहला प्रत्यक्ष दृश्य प्रमाण है।
4 of 6
space, galaxy
- फोटो : istock
वैज्ञानिकों ने पहले तारों को आकाशगंगा के केंद्र में किसी अदृश्य, सघन और बड़े पैमाने पर परिक्रमा करते देखा था। इस अवलोकन से स्पष्ट है कि किसी वस्तु को जिसे सैगिटेरियस ए स्टार के रूप में जाना जाता है वह एक ब्लैक होल है।
5 of 6
सबसे नजदीकी ब्लैक होल की पहली तस्वीर आई सामने
- फोटो : istock
पहली बार वैज्ञानिकों ने साल 2019 में ब्लैक होल की तस्वीर को दिखाया था। उस समय आकाशगंगा के बीच स्थित ब्लैक होल की तस्वीर सामने आई थी उसका नाम मेसियर 87 या M87 था। इस तरह दुनियाभर में यह ब्लैक होले की दूसरी तस्वीर थी। पहला ब्लैक होल हमारे सूरज के द्रव्यमान के 6.5 बिलियन गुना से एक हजार गुना ज्यादा बड़ा था। इतने बड़े आंकड़े को सामान्य गणितीय अंकों में भी नहीं लिखा जा सकता है।