आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में एक 74 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने बीते गुरुवार को जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया। महिला का नाम ई मंगयम्मा है, जिन्होंने अहिल्या नर्सिंग होम में बच्चियों को जन्म दिया। बुजुर्ग महिला की शादी 57 साल पहले पूर्वी गोदावरी जिले के रहने वाले किसान यरमसेत्ती राजाराव के साथ हुई थी। महिला का पिछले दस साल से बच्चे के लिए इलाज चल रहा था। लेकिन अब ईबीएफ तकनीक के जरिए उन्होंने बच्चियों को जन्म दिया।
ई मंगयम्मा सालभर पहले गुंटूर की आईवीए विशेषज्ञ डॉ. सनक्कायला उमाशंकर से मिलीं। चिकित्सकों ने माइनर सर्जरी के जरिए किसी दूसरी महिला का यूट्रस उनके शरीर में ट्रांसप्लांट किया। और जनवरी में जाकर सफलता मिली। मंगायम्मा के गर्भवती होने की पृष्टि हुई।
चिकितस्कों ने बताया कि ई मंगयम्मा 74 साल की उम्र में भी फिट हैं। उनको ना तो डायबिटीज की समस्या है और ना ही उच्च रक्तचाप की समस्या है। इसलिए उनकी फिटनेस के कारण ट्रीटमेंट आसानी से हो गया। ट्रीटमेंट के दौरान मानसिक तौर पर शांत रखने के लिए दंपत्ति की कई बार काउंसलिंग भी की गई।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
मंगायम्मा ने कहा कि मुझे लगता था कि मैं बिना अपने बच्चों को देखे हुए अंतिम सांस लूंगी, लेकिन पड़ोस में 55 साल की एक औरत ने बेटे को जन्म दिया था। इसके बाद मेरी सोच बदली। महिला ने मुझे आईवीएफ तकनीक से मां बनने की सलाह दी। मैंने पति को इसके लिए मनाया और आज मैं बेहद खुश हूं। महिला के पति राजा राव का कहना था कि अस्पताल में नौ महीने बीत गए, आज बच्चों का चेहरा देखने के बाद सारे संघर्षों को भूल गया हूं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. उमाशंकर के अनुसार दोनों बच्चियां और मां स्वस्थ हैं। बच्चियों का वजन 1.8 किलो है। हालांकि मंगायम्मा बच्चियों को स्तनपान कराने में असमर्थ हैं। इसलि मिल्क बैंक की मदद के जरिए बच्चियों की फीडिंग कराई जा रही है। बता दें कि मंगायम्मा से पहले अधिक उम्र में मां बनने का रिकॉर्ड राजस्थान के दलजिंदर कौर के नाम था, जिन्होंने 70 साल की उम्र में 19 अप्रैल साल 2016 को एक बच्चे को जन्म दिया था।