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Sawan 2024: मुजफ्फरपुर का अनोखा है खगेश्वर नाथ महादेव का मंदिर, रामायण काल से जुड़ी है कहानी

Fri, 26 Jul 2024 05:58 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Fri, 26 Jul 2024 05:58 PM IST
सार

Sawan 2024: मुजफ्फरपुर का अनोखा है खगेश्वर नाथ महादेव का मंदिर, रामायण काल से जुड़ी है कहानी
Sawan 2024: Khageshwar Nath Mahadev temple of Muzaffarpur is unique, story is related to Ramayana period

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Sawan 2024: Khageshwar Nath Mahadev temple of Muzaffarpur is unique, story is related to Ramayana period
खगेश्वर नाथ महादेव का मंदिर - फोटो : अमर उजाला

देवों के देव महादेव का माह सावन का पवित्र महीना चल रहा है। ऐसे में महादेव के मंदिर का जिक्र न हो, यह संभव ही नहीं है। भक्त पर असीम कृपा देने वाले महादेव के इस महीने को लेकर महादेव के भक्तों में खास उत्साह देखने को मिलता है। इसलिए इसको भक्ति का भी महीना कहा जाता है। ऐसा ही एक प्रसिद्ध शिव मंदिर है मुजफ्फरपुर के बंदरा प्रखंड के मतलूपुर में बाबा खगेश्वर नाथ महादेव का मंदिर। इस मंदिर को लेकर कई पौराणिक मान्यताएं भी हैं और इसको जानकर भक्त भी भाव विभोर हो जाते हैं।


 

Sawan 2024: Khageshwar Nath Mahadev temple of Muzaffarpur is unique, story is related to Ramayana period
खगेश्वर नाथ महादेव का मंदिर - फोटो : अमर उजाला

इस मंदिर को लेकर कहा जाता है कि यह मंदिर स्वतः प्रस्फुटित है यानी की इस मंदिर की स्थापना नहीं हुई, बल्कि रामायण काल में ही स्वतः महादेव प्रकट हुए थे। इस मंदिर में महादेव के लिंग के साथ गरुड़ जी महाराज की भी एक अनोखी प्रतिमा है। यहां पर भगवान भोलेनाथ के खग (पक्षी) रूप की पूजा होती हैं। यहां पूरे वर्ष भर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। विशेष कर सावन माह में इस मंदिर की अहमियत और भी बढ़ जाती है।


Sawan 2024: Khageshwar Nath Mahadev temple of Muzaffarpur is unique, story is related to Ramayana period
खगेश्वर नाथ महादेव का मंदिर - फोटो : अमर उजाला

इस मंदिर के पंडा ने बताया कि जब रामायण में रावण के पुत्र मेघनाथ ने राम-लक्ष्मण पर मोघपाश फेंका था, तब हनुमान जी ने गरुड़ से मदद मांगी थी। उसके बाद से गरुड़ को राम-लक्ष्मण के भगवान होने पर शक हो गया था और तब जाकर यहीं पर भोलेनाथ ने गरुड़ को खग रूप लेकर उनकी शंका दूर की थी। यह मंदिर इतना पुराना है कि यहां लगे मंदिर के चौखट पत्थर के बने हुए हैं, जो प्राचीन काल में ही लगा था। यह अपनी खास पहचान के लिए जानी जाती है। यही वजह है कि आसपास के जिले के नहीं बल्कि दूर दराज नेपाल के लोग भी मंदिर में भोले नाथ के दर्शन के लिए आते हैं।
 

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Sawan 2024: Khageshwar Nath Mahadev temple of Muzaffarpur is unique, story is related to Ramayana period
खगेश्वर नाथ महादेव का मंदिर - फोटो : अमर उजाला

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में स्थित यह मंदिर जिला मुख्यालय से करीब 30 KM दूर स्थित बंदरा प्रखंड के मतलूपुर स्थित बाबा खगेश्वर नाथ जी महादेव मंदिर में अमूमन हर दिन लोग पहुंचते हैं। लेकिन सावन के महीने में यहां हर सोमवार को लाखों कांवड़िये जल लेकर जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। कहा जाता है कि यहां मांगी हर मनोकामना पूरी होती है। यही वजह है कि भक्त यहां विशेष रूप से रुद्राभिषेक भी करते हैं।

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