पूर्व रेलवे के मालदा रेल मंडल में इन दिनों रेल हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। गनीमत है कि इन हादसों में जानमाल की क्षति नहीं हो पाई है। परंतु ट्रेन परिचालन के दौरान लगातार हो रही घटनाओं ने रेलवे प्रशासन की संरक्षा और सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।
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ट्रेन हादसा
- फोटो : अमर उजाला
बड़ा सवाल यह है कि जब आए दिन रेलवे ट्रैकों का निरीक्षण, ट्रैक पेट्रोलिंग के अलावा लोको पायलट को लगातार निर्देश दिया जा रहा है तो फिर ऐसी स्थिति क्यों। कहीं संरक्षा और सुरक्षा नियमों में लापरवाही तो नहीं बरती जा रही। बहरहाल कारण चाहे जो भी हो, परंतु लगातार हो रही घटनाओं ने ट्रेन परिचालन के व्यवस्था को कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया है।
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गिरी हुई दीवार
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ताजा मामला गुरुवार को जमालपुर रेलवे स्टेशन के समीप किलोमीटर संख्या 359/15 का है। जहां रेल इंजन कारखाना परिसर के अंदर चल रही मालगाड़ी अचानक डिरेल हुई और सुरक्षा दीवार पर जोरदार टक्कर मार दी। उसके बाद सुरक्षा दीवार पूरी तरह ढह गया और पूरा मलवा डाउन लाइन की रेलवे ट्रैक पर आ गिरा।
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गिरी हुई दीवार
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एआरटी कर्मी ने दिखाई सूझबूझ
घटना के बाद एआरटी कर्मी ने डाउन लाइन पर मलबे को गिरते देखा और सामने से किऊल भागलपुर मेमू ट्रेन को आते देख सूझबूझ दिखाते हुए घटना स्थल से महज 10 मीटर पहले ट्रेन को रूकवा दिया। अन्यथा मलबे से भरे रेलवे ट्रैक पर बड़ी दुर्घटना तय थी।
सूचना मिलते ही पहुंची राहत टीम
घटना की सूचना मिलते ही सीनियर डीएमई डीजल केके दास, स्टेशन प्रबंधक संजय कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर मुकेश कुमार दल बल के साथ घटना स्थल पर पहुंच तत्काल जेसीबी की मदद से मलबे को रेलवे ट्रैक से हटवाया। मौके पर पहुंची रेलवे की कई विभागों के अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए 10:58 पर हुई घटना के बाद बाधित हुई ट्रेन परिचालन को 12:36 बजे बहाल कर दिया।
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ट्रेन हादसा
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इस दौरान किऊल भागलपुर मेमू ट्रेन के अलावे बांका राजेंद्र नगर, मालदा किऊल, आनंद विहार भागलपुर गरीब रथ, तेजस राजधानी एक्सप्रेस, साहेबगंज जमालपुर ट्रेनें रतनपुर जमालपुर और धरहरा में खड़ी रही।
दो महीने के दौरान पांच बार बची ट्रेनें
हाल के दिनों में रेल खंड पर हुए ट्रेन हादसों की घटनाओं पर गौर करें तो चौंकाने वाला आंकड़ा यहां देखने को मिलेगा। रेल खंड पर नवंबर और दिसंबर माह में ही यहां पांच बार ट्रेनें बड़े हादसों का शिकार होने से बाल-बाल बची।