बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 13 फरवरी को प्रगति यात्रा के तहत गया जिले के दौरे पर आ रहे हैं। उनके आगमन से पहले जिला प्रशासन और स्थानीय पंचायतों में गहमागहमी तेज हो गई है। प्रशासनिक अमला सुरक्षा से लेकर विभिन्न सरकारी योजनाओं के अधूरे कार्यों को पूरा करने में जुटा हुआ है। खासतौर पर उन इलाकों में युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है जहां मुख्यमंत्री का दौरा प्रस्तावित है।
सीएम गया शहर, बोधगया प्रखंड के बसाढी पंचायत के बतसपुर गांव और इमामगंज प्रखंड के लावाबार का दौरा करेंगे। उनके आगमन से पहले गांवों को सजाने-संवारने, हाट बाजारों को सुधारने और सरकारी योजनाओं को प्रभावी रूप से प्रस्तुत करने की तैयारी चल रही है।
2 of 5
मुख्यमंत्री को दिखाने के लिए जल्दबाजी में किया जा कार्य
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री को प्रभावित करने की कवायद
बोधगया प्रखंड के बसाढी पंचायत के बतसपुर गांव में मुख्यमंत्री की यात्रा से पहले स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि और प्रखंड स्तरीय अधिकारी पूरे प्रयास में हैं कि उन्हें गांव की योजनाओं की बेहतरीन तस्वीर दिखाई जा सके। योजनाओं के नाम पर वहां पंचायत हाट, तीन तरह के खेल मैदान, अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली, गोवर्धन गैस योजना और जल-जीवन-हरियाली परियोजना जैसे कार्यों की सूची तैयार की गई है। हालांकि कई योजनाएं अभी भी अधूरी हैं, लेकिन प्रशासन किसी भी तरह से इन्हें मुख्यमंत्री के समक्ष ‘सफल’ दिखाने की कोशिश कर रहा है।
3 of 5
मुख्यमंत्री को दिखाने के लिए जल्दबाजी में किया जा कार्य
- फोटो : अमर उजाला
मनरेगा के तहत लगाए गए पौधे सूख गए
मनरेगा योजना के तहत पहले भी गांवों में पौधे लगाए गए थे, लेकिन उचित देखभाल के अभाव में कई पौधे सूख गए। अब मुख्यमंत्री के आगमन से ठीक पहले प्रशासन ने तेजी से 4-4 फीट ऊंचे पौधे सड़कों के किनारे लगाने का कार्य शुरू कर दिया है। इसके अलावा पौधों की सुरक्षा के लिए गैबियन (जालीदार सुरक्षा घेरे) भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि इस पूरे कार्य की प्रकृति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री को केवल सतही दिखावा किया जा रहा है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और है।
4 of 5
मुख्यमंत्री को दिखाने के लिए जल्दबाजी में किया जा कार्य
- फोटो : अमर उजाला
मनरेगा अधिकारी ने दी सफाई
जब इस मुद्दे पर बोधगया प्रखंड के मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी पवन कुमार से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि पहले लगाए गए पौधे में से कुछ सूख गए थे, अब उन्हीं को बदलकर नए पौधे लगाए जा रहे हैं। बड़े पौधों को लगाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है, जो पौधे उपलब्ध हो रहे हैं, उन्हीं को लगाया जा रहा है। गैबियन को लेकर भी उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि पहले भी गैबियन लगाए गए थे, लेकिन वे टूट गए, इसलिए अब नए लगाए जा रहे हैं।
जल्दबाजी में काम पूरा करने की हो रही कोशिश
गया में प्रगति यात्रा से पहले पंचायतों को चमकाने और सरकारी योजनाओं को 'सफल' दिखाने के लिए युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री को जल-जीवन-हरियाली, मनरेगा और अन्य योजनाओं के बढ़िया प्रदर्शन का एहसास कराने के लिए प्रशासन पूरी ताकत झोंक रहा है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या ये तैयारियां वास्तव में जनता के हित में हैं, या फिर सिर्फ एक दिन के दिखावे के लिए की जा रही हैं?