केंद्र सरकार की एक एजेंसी, सेंट्रा कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (CESL, सीईएसएल) ने कहा है कि West Bengal Transport Corporation (WBTC), पश्चिम बंगाल परिवहन निगम (डब्ल्यूबीटीसी) साल 2023 के आखिर तक राज्य के सार्वजनिक परिवहन बेड़े में कुल 1,180 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद और तैनाती करेगा। बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों की चार श्रेणियां होंगी - 12-मीटर लो-फ्लोर एसी, 12-मीटर स्टैंडर्ड-फ्लोर नॉन-एसी, 9-मीटर स्टैंडर्ड-फ्लोर एसी और 9-मीटर स्टैंडर्ड-फ्लोर नॉन-एसी, और सभी इन्हें टाटा मोटर्स से खरीदा जाएगा।
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Tata Ultra 9/9m AC Electric Bus
- फोटो : Tata Motors
2023 के आखिर तक सभी 1,180 इलेक्ट्रिक बसों को पहुंचाने के लक्ष्य के साथ, टाटा मोटर्स इन वाहनों की डिजाइन, निर्माण और आपूर्ति का काम WBTC को शुरू करेगी। इसके अलावा, वाहन निर्माता अपेक्षित चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित करना शुरू कर देगा ताकि ये बसें सुचारू रूप से चल सकें।
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Electric Bus
- फोटो : For Reference Only
इन बसों का संचालन सीईएसएल द्वारा किया जाएगा। CESL सभी सरकारों और राज्य द्वारा संचालित यूनिट्स में इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद और तैनाती के लिए सरकार द्वारा नामित नोडल एजेंसी है। राज्य के परिवहन मंत्री फिरहाद हाकिम, सचिव बिनोद कुमार और सीईएसएल के प्रबंध निदेशक महुआ आचार्य की मौजूदगी में कोलकाता के लिए स्वीकृति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। हाकिम ने कहा, "हम इस साल के आखिर तक सड़कों पर बसों के पहले बेड़े को देखने की उम्मीद कर रहे हैं।"
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Electric Bus
- फोटो : Twitter/@CMofKarnataka
यह सौदा सीईएसएल की ग्रैंड चैलेंज पहल का एक हिस्सा है जिसके तहत सरकारी एजेंसी पांच मेट्रो शहरों - बेंगलुरु, दिल्ली, सूरत, हैदराबाद और कोलकाता में 5,450 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद करेगी।
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Auto Expo 2020 Olectra-BYD Electric Bus
- फोटो : अमर उजाला
विभिन्न राज्य अपने सार्वजनिक परिवहन बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों को शामिल कर रहे हैं और पिछले महीने, तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (TSRTC) ने एलान किया था कि वह 500 करोड़ रुपये की 300 इलेक्ट्रिक बसें तैनात करेगा, जिसकी आपूर्ति Olectra Greentech (ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक) द्वारा की जाएगी। ये बसें 20 महीने की अवधि में और सरकार की FAME-II योजना के तहत तेलंगाना परिवहन विभाग को डिलीवर की जाएंगी।