{"_id":"655787f7691f5ee9c606b090","slug":"uk-seeks-customs-duty-concessions-on-exports-of-electric-vehicles-to-india-under-proposed-free-trade-agreement-2023-11-17","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"EV: यूके इलेक्ट्रिक वाहनों पर कस्टम ड्यूटी में रियायत की कर रहा मांग, रिपोर्ट में दावा","category":{"title":"Automobiles","title_hn":"ऑटो-वर्ल्ड","slug":"automobiles"}}
EV: यूके इलेक्ट्रिक वाहनों पर कस्टम ड्यूटी में रियायत की कर रहा मांग, रिपोर्ट में दावा
Fri, 17 Nov 2023 09:04 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 17 Nov 2023 09:04 PM IST
विज्ञापन
Electric Vehicles
- फोटो : Social Media
ब्रिटेन ने प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्यात पर कस्टम ड्यूटी (सीमा शुल्क) पर रियायत देने की मांग की है, जिस पर बातचीत चल रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक अधिकारी ने यह जानाकारी दी। हालांकि, अधिकारी ने कहा, इस मुद्दे पर अब तक कोई फैसला नहीं लिया गया है।
Electric Vehicles
- फोटो : Pixabay
भारत में तेजी से बढ़ता ईवी बाजार वैश्विक खिलाड़ियों का ध्यान खींच रहा है। यूके भी 2035 तक ICE (आंतरिक दहन इंजन) वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने पर विचार कर रहा है। और ब्रिटिश ऑटो बाजार निर्यात-संचालित है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, वाहनों के लिए यूके का प्रमुख निर्यात गंतव्य यूरोप है, और वे अपने निर्यात में विविधता लाना चाह रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक नाम न जाहिर करने की शर्त पर एक अधिकारी ने कहा, ''ब्रिटेन ने मुक्त व्यापार समझौते पर चल रही बातचीत के तहत भारत से इलेक्ट्रिक वाहनों पर रियायतें मांगी हैं।''
विशेषज्ञों के मुताबिक, वाहनों के लिए यूके का प्रमुख निर्यात गंतव्य यूरोप है, और वे अपने निर्यात में विविधता लाना चाह रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक नाम न जाहिर करने की शर्त पर एक अधिकारी ने कहा, ''ब्रिटेन ने मुक्त व्यापार समझौते पर चल रही बातचीत के तहत भारत से इलेक्ट्रिक वाहनों पर रियायतें मांगी हैं।''
Electric Vehicles
- फोटो : Pixabay
आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23 के अनुसार, भारत के इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में 2030 तक वार्षिक बिक्री एक करोड़ यूनिट तक बढ़ सकता है। इसके साथ ही पांच करोड़ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।
उद्योग के अनुमान के मुताबिक, 2022 में भारत में कुल ईवी बिक्री लगभग 10 लाख यूनिट रही।
ईवी की बढ़ती मांग के मद्देनजर, भारत सरकार इन कारों के घरेलू मैन्युफेक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। यह अमेरिकी प्रमुख टेस्ला को भी भारत में प्लांट लगाने के लिए आकर्षित कर रहा है।
उद्योग के अनुमान के मुताबिक, 2022 में भारत में कुल ईवी बिक्री लगभग 10 लाख यूनिट रही।
ईवी की बढ़ती मांग के मद्देनजर, भारत सरकार इन कारों के घरेलू मैन्युफेक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। यह अमेरिकी प्रमुख टेस्ला को भी भारत में प्लांट लगाने के लिए आकर्षित कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Electric Vehicles
- फोटो : Social Media
सरकार ने 18,100 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल (एसीसी) बैटरी स्टोरेज के लिए प्रॉडक्शन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाएं शुरू की है। इसके साथ ही ऑटो, ऑटो-कंपोनेंट्स और ड्रोन उद्योगों के लिए 26,058 करोड़ रुपये की पीएलआई योजना शुरू की गई है।
एफटीए के लिए बातचीत चल रही है और दोनों पक्ष उन मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं जो थोड़े जटिल हैं। अब तक 13 दौर की बातचीत पूरी हो चुकी है।
एफटीए के लिए बातचीत चल रही है और दोनों पक्ष उन मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं जो थोड़े जटिल हैं। अब तक 13 दौर की बातचीत पूरी हो चुकी है।
विज्ञापन
Electric Vehicle Charger
- फोटो : ABB
बातचीत के तहत मुद्दों में सामाजिक सुरक्षा समझौता, ऑटोमोबाइल, चिकित्सा उपकरण, पेशेवरों की आवाजाही शामिल हैं। इसके साथ ही उत्पत्ति के नियम, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (आईपीआर), इलेक्ट्रिक वाहनों पर, स्कॉच व्हिस्की, मेमने के मांस और चॉकलेट पर शुल्क रियायतें, और बैंकिंग और बीमा जैसे सेवा क्षेत्रों में मानदंडों का उदारीकरण पर चर्चा हो रही है।
भारत और यूके ने जनवरी 2022 में मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए बातचीत शुरू की। जिसका लक्ष्य दिवाली (24 अक्तूबर, 2022) तक वार्ता खत्म करना था। लेकिन यूके में राजनीतिक विकास के कारण यह समय सीमा चूक गई।
समझौते में 26 अध्याय हैं, जिनमें सामान, सर्विस, निवेश और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स शामिल हैं।
भारत और यूके ने जनवरी 2022 में मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए बातचीत शुरू की। जिसका लक्ष्य दिवाली (24 अक्तूबर, 2022) तक वार्ता खत्म करना था। लेकिन यूके में राजनीतिक विकास के कारण यह समय सीमा चूक गई।
समझौते में 26 अध्याय हैं, जिनमें सामान, सर्विस, निवेश और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स शामिल हैं।