चार पहिया वाहन का होना आजकल लक्जरी से ज्यादा जरूरत का मामला बन गया है। परिवार के साथ कहीं बाहर आने-जाने में इससे बहुत सुविधा होती है। एक तो बेवजह का टैक्सी आदि का किराया बचता है, दूसरे सर्दी, बारिश या तेज धूप से भी सुरक्षा मिलती है। यही कारण है कि सामान्य मिडिल क्लास व्यक्ति भी एक सिम्पल कार खरीदने की इच्छा रखता है। नई कार लेना हर किसी की सामर्थ्य में हो यह जरूरी नहीं। तो सेकेंड हैंड कार एक अच्छा विकल्प हो सकती है। कम कीमत में आप चार पहिया वाहन के मालिक भी बनते हैं और बचत भी कर लेते हैं। आजकल कई बड़े ब्रांड और कंपनियां अपने सेकेंड हैंड चार पहिया वाहनों की बिक्री कर रही हैं। साथ ही कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स भी यूज़्ड कारों की खरीद-बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। यहां अपनी पसंदीदा कार खरीदी या बेची जा सकती है। अगर आप पहली बार सेकेंड हैंड चार पहिया वाहन खरीदने जा रहे हैं तो मन में सवाल आना वाजिब है। सवाल यह है कि बेस्ट कार को कैसे चुनें? जानिए कुछ ऐसे बिंदुओं को जो सेकेंड हैंड कार खरीदते समय ध्यान में रखना चाहिए। ये सही चुनाव में आपकी मदद करेंगे।
Second Hand Car: खरीदनी है सेकंड हैंड कार तो इन बातों का जरूर रखें ध्यान
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फ़ायदे का सौदा है यूज़्ड कार
सेकेंड हैंड कार या गाड़ी आपकी चार पहिये की चाहत को किफायती दाम में तो पूरा करती ही है, इसका एक फायदा यह भी है कि कुछ साल चलाकर ही आप इसकी पूरी लागत वसूल कर सकते हैं। इसके बाद आप चाहें तो नई गाड़ी भी खरीद सकते हैं या फिर से गाड़ी बदल सकते हैं। सेकेंड हैंड या यूज़्ड कारों के प्रति लोगों में रुझान पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ा है क्योंकि इस सेगमेंट में अच्छी गाड़ियां मिल जाती हैं और पूरे परिवार के लिए एक सुविधाजनक सवारी हो जाती है। इतना ही नहीं कॉलेज जाने वाले युवा, नई नौकरी में आये लोग या शौकिया कार चलाना सीखने वाले लोग भी बड़ी संख्या में सेकेंड हैंड कारें खरीद रहे हैं। ये उनको अपनी गाड़ी होने का एहसास देती है वो भी कम से कम ईएमआई या लोन में। दूसरी ओर एक वर्ग वह भी है जो लगभग हर एक-दो साल में गाड़ी बदलने का शौक रखता है। इस वजह से भी अच्छी सैकेंड हैंड गाड़ियां बाजार में उपलब्ध होती हैं।
इन बातों का रखें ख्याल
सतर्कता रखना है जरूरी
सबसे पहली चीज है प्रामाणिकता और विश्वास। कोशिश करें कि गाड़ी किसी बड़े ब्रांड की यूज़्ड कार सर्विस से लें। इससे आपके साथ धोखाधड़ी या नुकसान होने की गुंजाईश कम से कम होगी और आपको गाड़ी के मेंटेनेंस या सर्विसिंग के लिए भी दूसरी जगह भागना नहीं पड़ेगा। दूसरा बेस्ट ऑप्शन है किसी परिचित की गाड़ी खरीदना। ऐसा व्यक्ति जिसे आप रोज उसी गाड़ी को चलाते देखते हैं और आप गाड़ी की कंडीशन को हर तरह से परख कर देख सकते हैं। यदि आप ऑनलाइन किसी प्लेटफॉर्म से गाड़ी खरीद रहे हैं तो सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। हमेशा गौर करें कि जो व्यक्ति गाड़ी बेच रहा है उसका प्रोफ़ाइल और बातें मेल खाती हैं या नहीं। उदाहरण के लिये एक व्यक्ति आपसे कहता है कि वह बिजनेसमैन है और नई गाड़ी लेने के लिए पुरानी गाड़ी बेच रहा है तो उससे उसका पूरा व्यवसाय, पता आदि पूछकर वहीं जाकर गाड़ी देखें। अगर आपको लगता है कि व्यक्ति अपने बारे में जो बता रहा है, वैसा है नहीं, तो तुरंत सतर्क हो जाएँ।
रिस्क न लें
अगर गाड़ी दिखाने या बेचने के लिए कोई आपको ऐसी जगह बुला रहा है जहाँ आवाजाही कम है या आपके घर से वह जगह बहुत दूर है, तो इससे बचें। उसे किसी ऐसी जगह पर बुलाएँ जो आप दोनों के डेस्टिनेशन से करीब हो और पूरी तरह सुनसान न हो। अपने साथ किसी न किसी को लेकर जरूर जाएँ। पिछले कुछ सालों में ऐसे केसेस बहुत हुए हैं जहाँ गाड़ी खरीदने या बेचने के लिए लोगों को सुनसान जगह पर बुलाया गया और उनको नुकसान पहुंचा कर लुटेरे गाड़ी ले भागे। इसलिए किसी की भी बात पर एकदम विश्वास करने की रिस्क बिलकुल न लें। अगर वह व्यक्ति कोई अच्छी गाड़ी अकल्पनीय दामों में दे रहा है, तब तो और भी सतर्क रहें।
जानकार का साथ है अच्छा
सबसे अच्छा विकल्प यह है कि आप अपने किसी परिचित मैकेनिक को अपने साथ ले जाएँ। गाड़ी के चुनाव में उससे बेहतर राय किसी से नहीं मिलेगी। वह आपको सारी टैक्निकल बातें स्पष्ट बता पायेगा। यदि आप किसी परिचित मैकेनिक को नहीं ले जा पाते तो भी किसी ऐसे व्यक्ति को ले जाएँ जो इस मामले में जानकारी रखता हो और आपको गाइड कर सके। खासकर अगर यह आपकी पहली गाड़ी है तो। गाड़ी खरीदने के पहले आप भी उसके बारे में बेसिक जानकारी इकट्ठी जरूर करें। इससे आपको टैक्निकल बातें समझने में मदद भी मिलेगी और निर्णय लेने में भी। यहां यह भी याद रखें आप जिसे भी अपने साथ ले जा रहे हैं उसके साथ मिलकर पूरी गाड़ी को अच्छी तरह चैक करें। इसमें गाड़ी के पेंट से लेकर पहियों और इंटीरियर से लेकर अंदर के सारे इलेक्ट्रिकल कनेक्शन आदि भी शामिल हैं। साथ ही इंजन नंबर और वीआईएन नंबर (व्हीकल आइडेंटिफिकेशन नंबर) को भी जांचें कि वह सब जगह समान है या नहीं। सभी फिल्टर्स को भी ध्यान से देखें।