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Auto PLI Scheme: एक और कार निर्माता सरकार की ऑटो PLI योजना से बाहर, इस सूची की एक दर्जन कंपनियों में हुई शुमार
Mon, 23 Dec 2024 12:37 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 23 Dec 2024 12:37 PM IST
सार
भारत सरकार ने ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट के लिए अपनी प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना से एक दर्जन कंपनियों को बाहर करने का फैसला किया है।
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Automobile Industry
- फोटो : PTI
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विस्तार
भारत सरकार ने ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट के लिए अपनी प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना से एक दर्जन कंपनियों को बाहर करने का फैसला किया है। बाहर की जाने वाली कंपनियों में एक प्रमुख नाम कोरियाई कंपनी भी शामिल हो गई है। दक्षिण कोरियाई ऑटोमेकर ने ऑटो पीएलआई योजना के तहत देश में कोई निवेश नहीं किया है। पीएलआई स्कीम स्वदेशी ऑटोमोबाइल मैन्युफेक्चरिंग (विनिर्माण) को बढ़ावा देने के लिए 26,000 करोड़ रुपये के आउटले (परिव्यय) के साथ भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है।
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ऑटो पीएलआई योजना के तहत भारत में कितने निवेश की संभावना
भारत में ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट के लोकल मैन्युफेक्चरिंग (स्थानीय विनिर्माण) को बढ़ावा देने के लिए 2021 में ऑटो पीएलआई योजना शुरू की गई थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ऑटो उद्योग के खिलाड़ियों ने ऑटो पीएलआई योजना के तहत इसके लिए 75,000 करोड़ रुपये से अधिक की प्रतिबद्धता जताई। हालांकि, इस कोरियाई कंपनी समेत कम से कम 12 कंपनियों को चैंपियन ओईएम के रूप में योजना के तहत सूचीबद्ध किया गया था। हालांकि, ये प्रतिबद्ध निवेश करने में नाकाम रहीं। इस कारण इन फर्मों को स्कीम से बाहर रखा गया।
भारत में ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट के लोकल मैन्युफेक्चरिंग (स्थानीय विनिर्माण) को बढ़ावा देने के लिए 2021 में ऑटो पीएलआई योजना शुरू की गई थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ऑटो उद्योग के खिलाड़ियों ने ऑटो पीएलआई योजना के तहत इसके लिए 75,000 करोड़ रुपये से अधिक की प्रतिबद्धता जताई। हालांकि, इस कोरियाई कंपनी समेत कम से कम 12 कंपनियों को चैंपियन ओईएम के रूप में योजना के तहत सूचीबद्ध किया गया था। हालांकि, ये प्रतिबद्ध निवेश करने में नाकाम रहीं। इस कारण इन फर्मों को स्कीम से बाहर रखा गया।
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पांच वर्षों में लगभग 26,000 करोड़ रुपये का परिव्यय
ऑटो पीएलआई योजना के तहत, सरकार का लक्ष्य ऑटो सेक्टर के लिए एक व्यापक इकोसिस्टम बनाना था। जिसमें न सिर्फ भौतिक संपत्ति बल्कि अनुसंधान और विकास (आरएंडडी) में निवेश भी शामिल था। रिपोर्ट में कहा गया है कि दावों के पहले वर्ष यानी वित्त वर्ष 24 में, ऑटो उद्योग ने निवेश के लिए मात्र 500 करोड़ रुपये की मांग की थी। यह एक बहुत ही मामूली प्रतिक्रिया है, क्योंकि इस योजना में पांच वर्षों में लगभग 26,000 करोड़ रुपये का परिव्यय है।
ऑटो पीएलआई योजना के तहत, सरकार का लक्ष्य ऑटो सेक्टर के लिए एक व्यापक इकोसिस्टम बनाना था। जिसमें न सिर्फ भौतिक संपत्ति बल्कि अनुसंधान और विकास (आरएंडडी) में निवेश भी शामिल था। रिपोर्ट में कहा गया है कि दावों के पहले वर्ष यानी वित्त वर्ष 24 में, ऑटो उद्योग ने निवेश के लिए मात्र 500 करोड़ रुपये की मांग की थी। यह एक बहुत ही मामूली प्रतिक्रिया है, क्योंकि इस योजना में पांच वर्षों में लगभग 26,000 करोड़ रुपये का परिव्यय है।
फिलहाल कंपनी की तरफ से आधिकारिक बयान नहीं
भारत सरकार की पीएलआई योजना से बाहर होने के संबंध में इस कोरियाई ऑटोमोबाइल कंपनी ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। हालांकि, अनुमान लगाया जा रहा है कि रणनीतिक निवेश की कमी या निवेश योजनाओं में बदलाव के कारण ऐसा हो सकता है।
भारत सरकार की पीएलआई योजना से बाहर होने के संबंध में इस कोरियाई ऑटोमोबाइल कंपनी ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। हालांकि, अनुमान लगाया जा रहा है कि रणनीतिक निवेश की कमी या निवेश योजनाओं में बदलाव के कारण ऐसा हो सकता है।