परफॉर्मेंस बाइक बनाने के लिए मशहूर चेन्नई स्थित Royal Enfield (रॉयल एनफील्ड) की इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन सेगमेंट में एंट्री करने के लिए काफी महत्वाकांक्षी योजना है। कंपनी इस समय एक नई इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल विकसित करने के शुरुआती चरण में है। आयशर मोटर्स (रॉयल एनफील्ड की मूल कंपनी) के प्रबंध निदेशक और सीईओ सिद्धार्थ लाल के मुताबिक कंपनी सक्रिय रूप से प्रोटोटाइप की टेस्टिंग कर रही है और इसके फाइनल वर्जन की अगले दो वर्षों के भीतर भारतीय सड़कों पर आने की उम्मीद है। ई-बाइक की विकास प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए रॉयल एनफील्ड ने अपने ईवी कारोबार के व्यावसायिक पहलुओं को संभालने के लिए एक डेडिकेटेड टीम बनाई है।
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Royal Enfield Plant
- फोटो : Royal Enfield
इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए रॉयल एनफील्ड ने भविष्य के उत्पादों को विकसित करने और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बिक्री बुनियादी ढांचे के निर्माण में लगभग 1,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। यह निवेश 2023-24 की समयावधि के दौरान होने की योजना है। कंपनी का लक्ष्य 1.5 लाख इलेक्ट्रिक यूनिट्स की उत्पादन क्षमता तक पहुंचना है और वह इस योजना को पूरी रफ्तार और दक्षता के साथ लागू करने की तैयारी में हैं।
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Royal Enfield Bike
- फोटो : Royal Enfield
मिड-साइज मोटरसाइकिल सेगमेंट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बावजूद, जहां रॉयल एनफील्ड के पास इस समय 90 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी है, कंपनी इससे चिंतित नहीं है। ट्रायम्फ स्पीड 400 और हार्ले-डेविडसन X440 जैसे प्रतिस्पर्धी क्रमशः बजाज ऑटो और हीरो मोटोकॉर्प के साथ मिलकर बनाए गए हैं और बाजार में एंट्री कर चुके हैं। सिद्धार्थ लाल ने आत्मविश्वास से कहा कि रॉयल एनफील्ड अपने प्रतिद्वंद्वियों से कई कदम आगे है और मध्यम से लंबी अवधि में लगभग 80 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी बनाए रखने के लिए तैयार है।
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Royal Enfield Classic 350
- फोटो : Royal Enfield
उन्होंने यह भी भविष्यवाणी की है कि नए प्रतिस्पर्धियों के आगमन के साथ मिड-साइज मोटरसाइकिल बाजार में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी का अनुभव होगा। उम्मीद है कि आने वाले दशक में इसका विस्तार 10 लाख यूनिट्स से बढ़कर लगभग 15 लाख से 20 लाख यूनिट्स हो जाएगा। रॉयल एनफील्ड का हालिया प्रदर्शन काफी आशाजनक है। जैसा कि 2023 की पहली तिमाही में 50 प्रतिशत के इजाफे से जाहिर होता है, पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में 611 करोड़ रुपये की तुलना में 918 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ है।