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Electric Vehicles: बिजली आपूर्ति संतुलित करने के लिए चीन शुरू करेगा ग्रिड-कनेक्टेड कार प्रोजेक्ट
Thu, 03 Apr 2025 05:04 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 03 Apr 2025 05:04 PM IST
सार
चीन अपने तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बिजली आपूर्ति को संतुलित करने के लिए इस्तेमाल करने जा रहा है। सरकार ने एलान किया कि देश के नौ शहरों में इस योजना के तहत पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे।
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Electric Car Charging
- फोटो : Freepik
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चीन अपने तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बिजली आपूर्ति को संतुलित करने के लिए इस्तेमाल करने जा रहा है। सरकार ने बुधवार को एलान किया कि देश के नौ शहरों में इस योजना के तहत पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे। इन प्रोजेक्ट्स में इलेक्ट्रिक गाड़ियों को ग्रिड से जोड़ा जाएगा ताकि बिजली की मांग बढ़ने पर वे अतिरिक्त ऊर्जा उपलब्ध करा सकें।
Electric Car Charging
- फोटो : Freepik
बड़ी संख्या में V2G प्रोजेक्ट होंगे शुरू
सरकार के मुताबिक, बीजिंग, शंघाई, शेनझेन और ग्वांगझू जैसे शहरों में कुल 30 पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च किए जाएंगे। इनमें से ज्यादातर प्रोजेक्ट "व्हीकल-टू-ग्रिड" (V2G) टेक्नोलॉजी पर आधारित होंगे। इस तकनीक के जरिए कारें बैटरी की तरह काम करेंगी - जरूरत पड़ने पर वे बिजली स्टोर कर सकेंगी और जब मांग ज्यादा होगी, तब ग्रिड में वापस बिजली भेज सकेंगी।
यह भी पढ़ें - Second Hand Car: सेकंड हैंड कार कैसे खरीदें? खरीदने से पहले किन बातों का रखें ध्यान
सरकार के मुताबिक, बीजिंग, शंघाई, शेनझेन और ग्वांगझू जैसे शहरों में कुल 30 पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च किए जाएंगे। इनमें से ज्यादातर प्रोजेक्ट "व्हीकल-टू-ग्रिड" (V2G) टेक्नोलॉजी पर आधारित होंगे। इस तकनीक के जरिए कारें बैटरी की तरह काम करेंगी - जरूरत पड़ने पर वे बिजली स्टोर कर सकेंगी और जब मांग ज्यादा होगी, तब ग्रिड में वापस बिजली भेज सकेंगी।
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Electric Car Charging
- फोटो : Freepik
चार्जिंग शेड्यूल में बदलाव से मिलेगा फायदा
इस तकनीक का एक और फायदा यह होगा कि इलेक्ट्रिक कारें अपनी चार्जिंग का समय इस तरह से एडजस्ट कर सकेंगी कि वे पीक आवर्स में ज्यादा लोड न डालें। इसके अलावा, वे ग्रिड को स्थिर बनाए रखने के लिए फ्रीक्वेंसी रेगुलेशन जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं भी दे सकेंगी।
चार्जिंग स्टेशन मालिकों के लिए नया कमाई का जरिया
इस योजना से कार मालिकों और चार्जिंग स्टेशन ऑपरेटर्स को एक नया रेवेन्यू सोर्स भी मिल सकता है। वे अतिरिक्त बिजली ग्रिड को वापस देकर पैसे कमा सकते हैं।
यह भी पढ़ें - Nitin Gadkari: भारत में 22 लाख कुशल ड्राइवरों की कमी, नितिन गडकरी ने लोकसभा में बताया
इस तकनीक का एक और फायदा यह होगा कि इलेक्ट्रिक कारें अपनी चार्जिंग का समय इस तरह से एडजस्ट कर सकेंगी कि वे पीक आवर्स में ज्यादा लोड न डालें। इसके अलावा, वे ग्रिड को स्थिर बनाए रखने के लिए फ्रीक्वेंसी रेगुलेशन जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं भी दे सकेंगी।
चार्जिंग स्टेशन मालिकों के लिए नया कमाई का जरिया
इस योजना से कार मालिकों और चार्जिंग स्टेशन ऑपरेटर्स को एक नया रेवेन्यू सोर्स भी मिल सकता है। वे अतिरिक्त बिजली ग्रिड को वापस देकर पैसे कमा सकते हैं।
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- फोटो : Freepik
पावर ग्रिड कंपनियों और सरकार की अहम भूमिका
सरकारी नोटिस के मुताबिक, इस योजना को लागू करने की जिम्मेदारी पावर ग्रिड कंपनियों को दी गई है। वहीं, प्रांतीय सरकारें चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में अहम भूमिका निभाएंगी। एनर्जी रेगुलेटर का काम ग्रिड-कनेक्टेड कार सिस्टम को पावर ट्रेडिंग में शामिल करने में मदद करना होगा।
यह भी पढ़ें - US Tariffs: ट्रंप ने सभी विदेशी गाड़ियों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का किया एलान, 600 अरब डॉलर के आयात पर पड़ेगा असर
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भविष्य में और बड़े पैमाने पर विस्तार की योजना
पिछले साल, NDRC ने घोषणा की थी कि 2025 तक चीन में 50 से अधिक पायलट प्रोग्राम स्थापित किए जाएंगे। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना को बड़े स्तर पर अपनाने से पहले कई चुनौतियों का समाधान करना जरूरी है। इनमें एक बड़ी चुनौती यह है कि V2G मॉडल को लाभदायक बनाने के लिए एक बेहतर बिजनेस मॉडल विकसित किया जाए। इसके अलावा, बैटरी तकनीक को और एडवांस्ड बनाने की भी जरूरत होगी, ताकि यह योजना प्रभावी ढंग से काम कर सके।
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पिछले साल, NDRC ने घोषणा की थी कि 2025 तक चीन में 50 से अधिक पायलट प्रोग्राम स्थापित किए जाएंगे। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना को बड़े स्तर पर अपनाने से पहले कई चुनौतियों का समाधान करना जरूरी है। इनमें एक बड़ी चुनौती यह है कि V2G मॉडल को लाभदायक बनाने के लिए एक बेहतर बिजनेस मॉडल विकसित किया जाए। इसके अलावा, बैटरी तकनीक को और एडवांस्ड बनाने की भी जरूरत होगी, ताकि यह योजना प्रभावी ढंग से काम कर सके।
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