अकसर सेडान और हैचबैक कारों में कम ग्राउंड क्लीरेंस की समस्या आती है। वहीं कार मे घर पांच लोग बैठे हुए हैं, तो बड़े स्पीडब्रेकर की वजह से कई बार चैसिस तक सड़क को छूट जाती है। अगर आप भी अपनी कार में कम ग्राउंड क्लीरेंस से परेशान हैं, तो आप कुछ तरीके अपना कर अपनी कार को ‘SUV’ बना सकते हैं। इसके लिए ज्यादा पैसे खर्च करने की भी जरूरत नहीं है। जानते हैं क्या हैं ये आसान तरीके...
अब आप भी अपनी गाड़ी को बना सकते हैं SUV, इन टिप्स से बढ़ा सकते हैं कार का ग्राउंड क्लीयरेंस
कॉयल स्प्रिंग में असिस्टर्स
मौंजूदा वक्त में आ रही अधिकांश कारों में कॉयल स्प्रिंग सस्पेंशन होते हैं। वहीं आप असिस्टर्स की मदद से कॉयल स्प्रिंग सस्पेंशन की ऊंचाई बढ़ा सकते हैं। पॉलीयूरेथेन से बने ये पार्ट स्प्रिंग सस्पेंशन के कॉयल्स के बीच लगाये जाते हैं। ये असिस्टर्स सस्पेंशन को हार्ड बना देते हैं और उनका मूवमेंट सीमित कर देते हैं। इनके लगाने से गाड़ी की ऊंचाई 10 एमएम से 15 एमएम तक बढ़ जाती है।
जो कारें कॉयल सस्पेंशन सेटअप के साथ आती हैं, उन कारों में ये असिस्टर्स लगाए जा सकते हैं। इन्हें कोई मैकेनिंक आसानी से लगा सकता है। वहीं इनकी कीमत पांच हजार के आसपास होती है और 50 हजार किमी तक साथ दे देते हैं। हालांकि ये सड़क की कंडीशन पर निर्भर करता है।
वहीं अगर कार निर्माता को इनके बारे में पता चल जाए तो वे वारंटी खत्म कर सकते हैं। बेहतर होगा कि गाड़ी को सर्विसिंग पर भेजने से पहले असिस्टर्स हटा लें। इन्हें चुटकियों में बेहद आसानी से निकाला जा सकता है।
बड़े टायर्स और रिम
कुछ लोग गाड़ी की ऊंचाई बढ़ाने के लिए बड़े टायर और रिम लगा लेते हैं। हालांकि यह काफी खर्चीला फैसला होता है। कुछ लोग केवल बड़े टायर या बड़े रिम के साथ बड़े टायर लगवा लेते हैं। हालांकि बड़े साइज के टायर या रिम लगाने से सस्पेंशन खराब हो सकते हैं। वहीं कई बार वाहन मोड़ने में भी दिक्कत आती है।
जैसे 185/60 R14 से 185/70 R14 टायर साइज करने से 10 एमएम का अतिरिक्त ग्राउंड क्लीयरेंस मिल जाता है। वहीं 10 से 15 इंच तक रिम साइज बढ़ाने से काफी ग्राउंड क्लीयरेंस मिल जाता है। वहीं बड़े साइज के टायर या रिम लगाने से खर्च भी बढ़ जाता है। बेहद शौकीन ही ये विकल्प चुनते हैं।
यह ध्यान रखें कि कार डीलर आपके सस्पेंशन की वारंटी भी खत्म कर सकता है। इन्हें लगाने से पहले सर्विस सेंटर से जानकारी अवश्य लें। साथ ही, यह भी जान लें कि बड़े टायर लगाने से माइलेज पर असर पड़ा है, जो पहले की तुलना में घट सकता है।
स्टिफर सस्पेंशन
अपनी कारों को रेसिंग या रैली कार में मॉडिफाई करने पर अकसर लोग सस्पेंशन बदलवाते हैं, ताकि उबड़-खाबड़ सड़कों पर गाड़ी स्थिर रहे। इनका फायदा यह होता है कि बड़े स्पीड ब्रेकर से भी गाड़ी का संतुलन नहीं बिगड़ता और गाड़ी जंप नहीं होती। कई कंपनियां ये स्टिफर सस्पेंशन बना रही हैं। इनमें भारतीय और विदेशी सस्पेंशन भी शामिल हैं।
स्टिफर सस्पेंशन की कीमत तकरीबन 50 हजार रुपये तक होती है। बाहर के किसी भी गैराज में सस्पेंशन अपग्रेड करवा सकते हैं। इसके लिए पहले बाजार में सर्वे करें, और अपनी गाड़ी की स्पेसिफिकेशन के मुताबिक सस्पेंशन चुनें। हालांकि गाड़ी के मौजूदा सॉफ्ट सस्पेंशन की तुलना में ये बेहतर होते हैं, लेकिन इन्हें लगाना हर मैकेनिक के बस की बात नहीं हैं। कुशल मैकेनिक ही इन्हें लगा सकते हैं।