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Traffic Jam: 95 प्रतिशत कार मालिकों को मेट्रो से सफर करना पसंद, बेंगलुरु यातायात संकट के अध्ययन में खुलासा
Tue, 05 Sep 2023 09:04 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 05 Sep 2023 09:04 PM IST
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Bengaluru Traffic Jam
- फोटो : PTI
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बेंगलुरु में बढ़ती यातायात की अराजकता तेजी से वाहन मालिकों को व्यक्तिगत वाहनों और दोपहिया वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन जैसे मेट्रो को अपनाने के लिए मजबूर कर रही हैं। एक हालिया सर्वेक्षण में, शहर में 95 प्रतिशत वाहन मालिक लंबी ट्रैफिक जाम से बचने के लिए अपनी गाड़ी छोड़ने की योजना बना रहे हैं। गैर सरकारी संगठनों द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में कहा गया है कि बेंगलुरु में यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में एक घंटे 30 मिनट तक का समय लगता है। दोपहिया वाहन चालकों को भी एक तरफ के सफर में 30 मिनट से अधिक का समय लगता है।
Bengaluru Traffic Jam
- फोटो : PTI
यह रिपोर्ट, जो पर्सनल2पब्लिक नामक एक अभियान का हिस्सा है, बेंगलुरु में रहने वाले 3,855 लोगों के सर्वेक्षण पर आधारित है। उनमें से ज्यादातर लोगों ने कहा कि वे निजी कार और बाइक छोड़कर मेट्रो में यात्रा करने के इच्छुक हैं, जिसमें कार की तुलना में यात्रा करने में आधा समय लगता है। बेंगलुरु का एक निवासी औसतन हर दिन काम करने के लिए लगभग 10 किलोमीटर की यात्रा करता है। सर्वेक्षण में पाया गया कि शहर का मेट्रो रेल नेटवर्क, जो लगभग 13 किलोमीटर तक फैला हुआ है, बिना किसी यातायात समस्या के यात्रियों को उनके गंतव्य तक ले जाने में कम समय लेता है।
Bengaluru Metro
- फोटो : Social Media
3,855 उत्तरदाताओं में से, लगभग 58 प्रतिशत ने कहा कि वे हर दिन काम पर जाने के लिए निजी वाहन का इस्तेमाल करते हैं। लगभग 17 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि वे बस या मेट्रो जैसी सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करते हैं।
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Bengaluru Traffic Jam
- फोटो : Social Media
कार और दोपहिया वाहन मालिकों के सार्वजनिक परिवहन में जाने के दो प्रमुख कारण हैं - पहला यात्रा के समय को बचाना और दूसरा ईंधन की बचत करना। एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) बी.पीएसी की मैनेजिंग ट्रस्टी और सीईओ रेवती अशोक ने कहा, "बेंगलुरु यात्री सर्वेक्षण के निष्कर्षों ने एक बार फिर स्पष्ट रूप से स्थापित किया है कि बेंगलुरु के नागरिक निजी वाहनों से दूर अपने कार्यस्थलों तक सार्वजनिक परिवहन में यात्रा करने के इच्छुक हैं, बशर्ते कि शुरु से लेकर आखिरी मील कनेक्टिविटी तक सहज, अनुमान योग्य और आरामदायक पहुंच हो।"
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फीडर बस सेवा
- फोटो : For Reference Only
हालांकि, मतदान लगभग सर्वसम्मति से सार्वजनिक परिवहन में जाने के पक्ष में था, लेकिन सर्वेक्षण रिपोर्ट से पता चलता है कि शहर को इसे वास्तविकता बनाने के लिए बेहतर फीडर सर्विस की जरूरत है। सर्वेक्षण में कहा गया है कि कई महिलाएं अपनी यात्रा के दौरान अंतिम मील की कनेक्टिविटी की कमी के कारण कठिनाइयों का सामना करती हैं।