तपती गर्मी गाड़ियों के लिए किसी अभिशाप से कम नहीं होती। सबसे ज्यादा गाड़ी खराब होने के मामले इसी दौरान दिखाई पड़ते हैं। अगर आपने अब तक अपनी गाड़ी को गर्मी के लिए तैयार नहीं किया है तो इस आलेख को अनदेखा न करें और अपनी गाड़ी को सबसे पहले दुरुस्त करवा लें। हम कुछ टिप्स आपके लिए यहां पर लेकर आए हैं अगर आप इन पर गौर फरमाएंगे तो मानकर चलिए आपकी गाड़ी बिना किसी बाधा के मंजिल तक जरूर पहुंचाएगी।
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गर्मी ने दी है दस्तक, गाड़ी को कर लें दुरुस्त
Updated Thu, 23 Mar 2017 10:16 PM IST
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ऐसी परिस्थिति से बचने के लिए पहले से कर लें तैयारी।
कार सर्विस।
सर्विस करवाएं
अपनी गाड़ी की बेसिक सर्विस जरूर करवा लें और ध्यान रखें कि एसी की सर्विस जरूर इस दौरान की जाए। क्योंकि कई बार गाड़ी के एसी की गैस लीक हो जाती है और जब गर्मी आने पर आप एसी ऑन करते हैं तो गर्म हवा आपका मूड खराब कर देती है। इसलिए एसी की सर्विस जरूर करवाएं। कोशिश करें गाड़ी को सिर्फ आधिकारिक सर्विस सेंटर पर ही ले जाएं, या फिर जान पहचान के मेकैनिक से ही सर्विस करवाएं। अगर किसी कारण बस आप निश्चित दूरी तय करने के बाद भी गाड़ी की सर्विस नहीं करवा पाए हैं तो कम से कम उसका ऑयल व ऑयल फिल्टर जरूर बदलवा लें।
अपनी गाड़ी की बेसिक सर्विस जरूर करवा लें और ध्यान रखें कि एसी की सर्विस जरूर इस दौरान की जाए। क्योंकि कई बार गाड़ी के एसी की गैस लीक हो जाती है और जब गर्मी आने पर आप एसी ऑन करते हैं तो गर्म हवा आपका मूड खराब कर देती है। इसलिए एसी की सर्विस जरूर करवाएं। कोशिश करें गाड़ी को सिर्फ आधिकारिक सर्विस सेंटर पर ही ले जाएं, या फिर जान पहचान के मेकैनिक से ही सर्विस करवाएं। अगर किसी कारण बस आप निश्चित दूरी तय करने के बाद भी गाड़ी की सर्विस नहीं करवा पाए हैं तो कम से कम उसका ऑयल व ऑयल फिल्टर जरूर बदलवा लें।
कार सर्विस।
गर्मियों में गाड़ी शुरू करने से पहले
जिस तरह से शरीर के टेंपरेचर को संतुलित रखने के लिए पानी की जरूरत होती है ठीक उसी तरह से बहुत सी मशीनों को भी पानी की ही जरूरत होती है। पुरानी गाडि़यों के रेडिएटर सिर्फ पानी के सहारे ही गाड़ी खींच देते थे। लेकिन अब रेडिएटर में अच्छे परिणाम के लिए कूलेंट डाला जाता है। लेकिन बहुत से वाहन चालक अपनी गाड़ी के कूलेंट का स्तर नियमित तौर पर चेक नहीं करते जिसके वजह से गाड़ी गर्म होकर बंद हो जाती है। यह समस्या सबसे अधिक गर्मी के मौसम में होती है जब टेंपरेचर 40 डिग्री के पार पहुंच जाता है। इसलिए गाड़ी का इंजिन स्टार्ट करने से पहले रेडिएटर का ढक्कन खोलकर कूलेंट की मात्रा जांच लें। अगर रेडिएटर में उपर तक पानी न दिखे तो उसे बोतल से भर दें तभी गाड़ी स्टार्ट करें। ऐसा करके न सिर्फ आपकी यात्रा सुखमय होगी बल्कि आपकी गाड़ी भी आपको खुश रखेगी।
जिस तरह से शरीर के टेंपरेचर को संतुलित रखने के लिए पानी की जरूरत होती है ठीक उसी तरह से बहुत सी मशीनों को भी पानी की ही जरूरत होती है। पुरानी गाडि़यों के रेडिएटर सिर्फ पानी के सहारे ही गाड़ी खींच देते थे। लेकिन अब रेडिएटर में अच्छे परिणाम के लिए कूलेंट डाला जाता है। लेकिन बहुत से वाहन चालक अपनी गाड़ी के कूलेंट का स्तर नियमित तौर पर चेक नहीं करते जिसके वजह से गाड़ी गर्म होकर बंद हो जाती है। यह समस्या सबसे अधिक गर्मी के मौसम में होती है जब टेंपरेचर 40 डिग्री के पार पहुंच जाता है। इसलिए गाड़ी का इंजिन स्टार्ट करने से पहले रेडिएटर का ढक्कन खोलकर कूलेंट की मात्रा जांच लें। अगर रेडिएटर में उपर तक पानी न दिखे तो उसे बोतल से भर दें तभी गाड़ी स्टार्ट करें। ऐसा करके न सिर्फ आपकी यात्रा सुखमय होगी बल्कि आपकी गाड़ी भी आपको खुश रखेगी।
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कार सर्विस
ड्राइविंग के दौरान रहें सजग
बदलती तकनीकि ने गाड़ियों को अब इस लायक बना दिया है कि आप बस डिस्प्ले बोर्ड पर नजर रखिए कोई भी दिक्कत होने पर गाड़ी खुद आपको सचेत कर देगी। आज की लगभग सभी कारों में सीट बेल्ट न लगाने पर बजर के जरिए चालक को कार निर्देष देती है वह बेल्ट लगा ले। इसी तरह से गाड़ी गर्म होने पर ओडोमीटर के पास लगे टेंपरेचर निडिल गाड़ी के रूख को बता देती है। इसलिए गाड़ी चलाते वक्त थोड़ी-थोड़ी देर पर उस ओर नजर जरूर रखें और गाड़ी के हल्का सा गर्म होते ही रोक लें और एहतियात के तहत पानी व कूलेंट का लेवल जांचें।
बदलती तकनीकि ने गाड़ियों को अब इस लायक बना दिया है कि आप बस डिस्प्ले बोर्ड पर नजर रखिए कोई भी दिक्कत होने पर गाड़ी खुद आपको सचेत कर देगी। आज की लगभग सभी कारों में सीट बेल्ट न लगाने पर बजर के जरिए चालक को कार निर्देष देती है वह बेल्ट लगा ले। इसी तरह से गाड़ी गर्म होने पर ओडोमीटर के पास लगे टेंपरेचर निडिल गाड़ी के रूख को बता देती है। इसलिए गाड़ी चलाते वक्त थोड़ी-थोड़ी देर पर उस ओर नजर जरूर रखें और गाड़ी के हल्का सा गर्म होते ही रोक लें और एहतियात के तहत पानी व कूलेंट का लेवल जांचें।
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कार सर्विस
इन बातों को गांठ बांध लें
- कभी गर्म होकर बंद हो गई गाड़ी के रेडिएटर के ढक्कन को न खोलें क्योंकि उस दौरान रेडिएटर के अंदर गर्मी उफान पर होती है और यह गर्मी बाहर निकलने को ठीक उसी तरह से बेताब रहती है जैसे प्रेशर कुकर में प्रेशर बनते ही सीटी के जरिए गर्म हवा बाहर निकल जाती है। जो लोग अनजाने में रेडिएटर के ढक्कन को फटाक से खोल देते हैं उनके चेहरे पर रेडिएटर का सारा का सारा पानी फव्वारे की तरह फूट पड़ता है जिससे चेहरा झुलस जाता है। अब तक बहुत से ऐसे केसेस हो चुके हैं। इसलिए गाड़ी खड़ी करने के बाद रेडिएटर के ठंडा होने का इंतजार करें तब ढक्कन आराम से खोलें।
- इंजिन ऑयल के लेवल को भी समय-समय पर चेक कर लें क्योंकि कई बार कार की सर्विस को अवाइड करने पर इंजिन ऑयल सूख जाता है या फिर अपना लचीलापन खो देता है और इसके परिणामस्वरूप गाड़ी गर्म होने लगती है।
- हमेशा रेडिएटर में पानी से अधिक कूलेंट होना चाहिए और संभव हो सके तो पूरा का पूरा रेडिएटर कूलेंट से भरा होना चाहिए।
- समय-समय पर रेडिएटर के साथ लगे फैन को चेक करें क्योंकि कई बार फैन के न चलने के कारण भी गाड़ी गर्म होकर बंद हो जाती है।