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TATA WhAP बख्तरबंद जंगी वाहन पहुंचा लद्दाख, चीन से मुकाबले के लिए होगा परीक्षण, जानें इसकी खूबियां
Sun, 20 Sep 2020 06:55 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Sun, 20 Sep 2020 06:55 PM IST
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Tata WhAP
- फोटो : Indian Army/DRDO
पिछले कुछ हफ्तों में, भारतीय सेना चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के खिलाफ किसी भी मुठभेड़ की तैयारी के लिए लद्दाख में अपने सबसे कुशल उपकरणों को तैनात करने के लिए पूरे दमखम के साथ काम कर रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत में डिजाइन और निर्मित किए गए सेना के सैनिकों के लिए आठ पहिये वाले बख्तरबंद जंगी वाहक वाहन का लेह में परीक्षण किया जा रहा है। यह वाहन स्वदेशी टाटा मोटर्स की Tata Wheeled Armoured Platform (टाटा व्हील्ड आर्मर्ड प्लेटफॉर्म) वाहन है।
TATA-DRDO WhAP
- फोटो : For Reference Only
यह वाहन सर्दियों के दौरान उच्च-ऊंचाई वाले इलाकों में परीक्षणों से गुजरेगा। यह सैनिकों को ले जाने और रणनीतिक ऊंचाइयों पर भी प्रवेश करने में कारगर साबित हो सकता है। इसके अलावा, इस वाहन के इंजन और तोपखाने की कार्य प्रणाली का आकलन करने के लिए डेपसांग में परीक्षण किया जाएगा।
भारतीय सेना को पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में सैनिकों की तुरंत आवाजाही के लिए बख्तरबंद जंगी वाहनों की आवश्यकता है, जहां चीन ने बड़ी संख्या में अपने बख्तरबंद जंगी वाहन तैनात किए हुए है। रिपोर्ट के मुताबिक इन नए तैनात वाहकों की एक सफल परीक्षण के बाद भारतीय सेना के लड़ाकू वाहनों के संचालन में जबरदस्त प्रगति कर सकती है।
भारतीय सेना को पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में सैनिकों की तुरंत आवाजाही के लिए बख्तरबंद जंगी वाहनों की आवश्यकता है, जहां चीन ने बड़ी संख्या में अपने बख्तरबंद जंगी वाहन तैनात किए हुए है। रिपोर्ट के मुताबिक इन नए तैनात वाहकों की एक सफल परीक्षण के बाद भारतीय सेना के लड़ाकू वाहनों के संचालन में जबरदस्त प्रगति कर सकती है।
Tata WhAP Combat Wheeled Kestrel
- फोटो : Tata Motors
क्या है टाटा व्हैप की खूबियां
टाटा व्हैप को डीआरडीओ प्रयोगशाला के साथ मिलकर विकसित किया गया है। हाल के दिनों में यह वाहन कई परीक्षणों से गुजरा है जिसमें हाई एल्टीट्यूड टेस्ट (उच्च ऊंचाई परीक्षण) शामिल हैं। यह Tata Defence Combat Wheeled Armoured Amphibious Platform (टाटा डिफेंस व्हील्ड आर्मर्ड एम्फीबियस प्लेटफॉर्म) पर आधारित है।
टाटा व्हैप को डीआरडीओ प्रयोगशाला के साथ मिलकर विकसित किया गया है। हाल के दिनों में यह वाहन कई परीक्षणों से गुजरा है जिसमें हाई एल्टीट्यूड टेस्ट (उच्च ऊंचाई परीक्षण) शामिल हैं। यह Tata Defence Combat Wheeled Armoured Amphibious Platform (टाटा डिफेंस व्हील्ड आर्मर्ड एम्फीबियस प्लेटफॉर्म) पर आधारित है।
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Tata WhAP Combat Wheeled Kestrel
- फोटो : Tata Motors
हो सकते हैं एयरलिफ्ट
इस वाहन की खासियत की बात करें तो ये पहिये वाले वाहन हैं जो बहुत तेज गति से चल सकते हैं। यह वाहन हलके होते हैं और वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर एक साथ कई वाहन हवाई जहाज से एयरलिफ्ट कर पहुंचाए जा सकते हैं।
इस वाहन की खासियत की बात करें तो ये पहिये वाले वाहन हैं जो बहुत तेज गति से चल सकते हैं। यह वाहन हलके होते हैं और वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर एक साथ कई वाहन हवाई जहाज से एयरलिफ्ट कर पहुंचाए जा सकते हैं।
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Tata WhAP
- फोटो : Indian Army/DRDO
पानी में भी चलती है
टाटा व्हैप में Amphibious Drive Mode (एम्फीबियम ड्राइव मोड) दिया गया है, जिससे यह जमीन और पानी दोनों जगहों पर आसानी से चलाए जा सकते हैं। इसके साथ ही इसमें हाइड्रो-न्यूमैटिक स्ट्रट्स और स्वतंत्र सस्पेंशन मिलता है। टाटा व्हैप लगभग 10 से 12 लोगों को ले जा सकता है और इसे टोही वाहन, पैदल सेना वाहक, या रसद वाहक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
टाटा व्हैप में Amphibious Drive Mode (एम्फीबियम ड्राइव मोड) दिया गया है, जिससे यह जमीन और पानी दोनों जगहों पर आसानी से चलाए जा सकते हैं। इसके साथ ही इसमें हाइड्रो-न्यूमैटिक स्ट्रट्स और स्वतंत्र सस्पेंशन मिलता है। टाटा व्हैप लगभग 10 से 12 लोगों को ले जा सकता है और इसे टोही वाहन, पैदल सेना वाहक, या रसद वाहक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।