लोकल हेलमेट पहनने पर लगेगा भारी जुर्माना, बेचने और बनाने पर हो सकती है जेल, पढ़ें नए नियम
सरकार की तरफ से लागू नए नियम में पहली बार हेलमेट को भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की लिस्ट में शामिल किया गया है। आसान भाषा में समझें तो अब हेलमेट बनाने वाली कंपनियों को बाजार में बिक्री करने से पहले हेलमेट को बीएसआई से प्रमाणित कराना अनिवार्य होगा।
देश में केंद्र सरकार की तरफ से लगातार ट्रैफिक नियमों और सड़क सुरक्षा को लेकर बदलाव किए जा रहे हैं। साल भर पहले मोदी सरकार मोटर वाहन संशोधन कानून लेकर आई थी, जिसमें यातायात के नियमों को तोड़ने पर पहले के मुकाबले 10 गुना तक ज्यादा जुर्माने का प्रावधान किया गया। इसी कड़ी में अब लोकल हेलमेट के इस्तेमाल और बिक्री को रोकने के लिए केंद्र सरकार नया कानून लागू लेकर आई है। नए नियम के मुताबिक लोकल हेलमेट पहन कर दो-पहिया वाहन चलाने वाले व्यक्ति पर 1000 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा अब लोकल हेलमेट बनाने और उसकी बिक्री करने वालों पर भी जुर्माने और सजा का प्रावधान किया गया है।
लोकल हेलमेट बनाना पड़ेगा भारी
लोकल हेलमेट बनाने वालों पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगेगा। इस नए कानून में जेल का प्रावधान भी शामिल किया गया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने पहली बार इस प्रावधान को भारतीय मानक ब्यूरो (बीएसआई) की सूची में शामिल किया है।
सरकार की पहल का ये है कारण
भारत में हर रोज औसतन 119 लोगों की मौत हेलमेट न लगाने के कारण होती है। यानी हेलमेट न पहनने के कारण हर घंटे 5 लोग सड़क हादसे में अपनी जान गंवा देते हैं। साल 2017 में हेलमेट न लगाने के कारण 35,975 लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई थी। वहीं, 2018 में यह आंकड़ा 21 फीसदी बढ़कर 43,600 पर जा पहुंचा।
सड़क हादसों में होने वाली मौतों का एक बड़ा कारण हेलमेट की खराब क्वालिटी भी होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि लोकल हेलमेट का इस्तेमाल काफी खतरनाक साबित हो सकता है। इसी को लेकर केंद्र सरकार नया कानून ला रही है।