कई बार लोग डिस्काउंट के कारण मुश्किल में पड़ जाते हैं। ऐसा ही कुछ बीएस-4 वाहन के नए खरीदारों के साथ देखने को मिल रहा है। दरअसल यह पहले ही साफ हो गया था कि देशभर में एक अप्रैल 2020 से बीएस-4 नॉर्म्स इंजन वाले वाहनों की बिक्री बंद हो जाएगी। इसको देखते हुए सभी निर्माता कंपनियों ने अपने लाइन-अप को अपग्रेड करना शुरू कर दिया था। वहीं, बीएस-4 के स्टॉक को क्लियर करने के लिए इस पर भारी डिस्काउंट ऑफर्स भी दिए जा रहे थे। अब इसी ऑफर और बचत के चक्कर में कई ग्राहक फंंस गए हैं।
डिस्काउंट के चक्कर में फंसे हजारों ग्राहक, इस एक गलती से रुका गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन
दिल्ली से बाहर खरीदे बीएस-4 वाहन
डिस्काउंट के चक्कर में कई ग्राहकों ने एनसीआर के बाहर रजिस्ट्रेशन कराने के लिए बीएस-4 वाहन खरीदे थे। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने 10 दिनों की दी गई छूट को अचानक से वापस ले लिया, जिसके कार कई ग्राहकों की चिंता और परेशानी दोनों बढ़ गई है। जैसा कि पहले ही बताया कि दिल्ली-एनसीआर में 31 मार्च के बाद से बीएस-4 वाहनों की बिक्री पर प्रतिबंध है। इसके कारण लोग एनसीआर के बाहर से वाहन खरीद रहे थे।
ग्राहकों की समस्या
ग्राहकों का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर के बाहर रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने पहले 10 दिनों का समय दिया था। लेकिन अब कोर्ट ने अचानक से फैसला बदल दिया, जिससे वाहन खरीद चुके ग्राहकों के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना बहुत मुश्किल हो गया है। वहीं, इस मामले में अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर में 31 मार्च के बाद खरीदे गए किसी भी वाहन का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा।
दलालों का खेल शुरू
दिल्ली-एनसीआर से बाहर जिन ग्राहकों ने बीएस-4 वाहन खरीदे हैं, अब वे रजिस्ट्रेशन के लिए दलालों से संपर्क कर रहे हैं। दरअसल दलालों की तरफ से बैक डेट में रजिस्ट्रेशन करवाया जा रहा है। इसके बदले दलाल ग्राहकों से मोटी रकम वसूल रहे हैं।
रजिस्ट्रेशन के नाम पर ये असली खेल
मिली जानकारी के मुताबिक बीएस-4 वाहनों की खरीदारी के लिए जो टेंपरेरी नंबर लिए गए थे, वो सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बदले जा रहे हैं। इसको लेकर दलालों की तरफ से कई जिलों में सेटिंग की गई है। दलाल टेंपरेरी नंबर के लिए डीलर से लेकर आरटीओ ऑफिस से संपर्क बनाए हुए हैं। ऐसे में जहां की सेटिंग हो रही है, उस जिले का टेंपरेरी नंबर दिया जा रहा है।