भारतीय परिवेश में कारों का अस्तित्व बहुत पुराना है। बॉलीवुड का कारों से बेहद पुराना रिश्ता है। बॉलीवुड जब अस्तित्व में आया तबसे कारें इसकी साथी रही हैं। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि पहली बार कारों का प्रदर्शन बॉलीवुड फिल्म वक्त में किया गया। 1965 में आई फिल्म में लगभग 5 मिनट का कार रेसिंग का सीन है। इस सीन की सबसे खास बात ये है कि इसे उस समय के मुंबई के यातायात में हूबहू फिल्माया गया था। मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया से होकर राजकुमार और सुनील दत्त ओल्ड मुंबई हाईवे होते हुए जब खंडाला में अपनी रेस खत्म करते हैं। इस सीन को उस समय के हिसाब से बेहद खूबसूरती के साथ फिल्माया गया था।
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बॉलीवुड की इस फिल्म में पहली बार हुई थी कार रेसिंग
Updated Mon, 08 May 2017 01:56 PM IST
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- फोटो : Film
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फिल्म के बारे में
1965 में रिलीज हुई यह फिल्म भारतीय सिनेमा की एक सफल फिल्म साबित हुई थी। राजकुमार, सुनील दत्त, शशी कपूर के अलावा इस फिल्म में साधना व शर्मीला टैगोर बेहद अहम रोल में थीं।
वक्त
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ओवरटेकिंग
खुली छत वाली इन दोनों ही कारों की मैनुअरेविलिटी देखने लायक। जिस तरह से एक दूसरे को राजकुमार व सुनील दत्त ओवरटेक करते हैं वह अब भी रेसरों के दिलों में रोमांच पैदा कर देती है।
खुली छत वाली इन दोनों ही कारों की मैनुअरेविलिटी देखने लायक। जिस तरह से एक दूसरे को राजकुमार व सुनील दत्त ओवरटेक करते हैं वह अब भी रेसरों के दिलों में रोमांच पैदा कर देती है।
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वक्त
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कॉर्नरिंग
अगर आप कभी खंडाला गए हों तो वहां पर अब भी ऐसे ढेरों कॉर्नर मिलेंगे जहां से मुड़ते वक्त गाड़ियों के टायरों से चीख निकल जाती है। लाल व पैरट रंग की ये दोनों कारें बेहद खूबसूरती के साथ अपनी लाइन में ये कॉर्नरिंग लेती हैं।
अगर आप कभी खंडाला गए हों तो वहां पर अब भी ऐसे ढेरों कॉर्नर मिलेंगे जहां से मुड़ते वक्त गाड़ियों के टायरों से चीख निकल जाती है। लाल व पैरट रंग की ये दोनों कारें बेहद खूबसूरती के साथ अपनी लाइन में ये कॉर्नरिंग लेती हैं।
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वक्त
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विनिंग लम्हा
जैसे किसी कार रेसिंग में एक फिनिश प्वाइंट होता है उसी तरह खंडाला घाट पर जब राजकुमार अपनी लाल रंग की कार को ब्रेक करते हैं वह लाजवाब लगता है इसके बाद उनके पीछे सुनील दत्त अपनी गाड़ी लेकर पहुंचते हैं। तकनीकि रूप से इस रेसिंग के विजेता बनते हैं राजकुमार जिनको पुरस्कृत करने का जिम्मा ले रखा है साधना ने। लगभग 52 साल बाद भी यह सीन ऑटो उत्साहियों को देखने में मजेदार लगता है।
जैसे किसी कार रेसिंग में एक फिनिश प्वाइंट होता है उसी तरह खंडाला घाट पर जब राजकुमार अपनी लाल रंग की कार को ब्रेक करते हैं वह लाजवाब लगता है इसके बाद उनके पीछे सुनील दत्त अपनी गाड़ी लेकर पहुंचते हैं। तकनीकि रूप से इस रेसिंग के विजेता बनते हैं राजकुमार जिनको पुरस्कृत करने का जिम्मा ले रखा है साधना ने। लगभग 52 साल बाद भी यह सीन ऑटो उत्साहियों को देखने में मजेदार लगता है।