देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki (मारुति सुजुकी) ने अपनी लोकप्रिय हैचबैक कार Swift (स्विफ्ट) की कीमत बढ़ा दी हैं। इसके साथ ही जो ग्राहक पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण कंपनी के सीएनजी फिटेड वाहन खरीदना चाह रहे हैं, उन्हें भी इन मॉडलों के लिए अब पहले से ज्यादा खर्च करना होगा। मारुति सुजुकी ने सोमवार सुबह बीएसई फाइलिंग में यह घोषणा की।
फाइलिंग में, मारुति सुजुकी ने देश में इस समय पेश किए जाने वाले सभी सीएनजी मॉडल्स और स्विफ्ट की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण तौर पर इनपुट लागत में लगातार हो रही बढ़ोतरी का हवाला दिया है। मारुति सुजुकी ने इन मॉडलों की कीमतों में 15,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। बढ़ी हुई कीमतें सोमवार से प्रभावी हैं। कंपनी ने आगे बताया कि अन्य मॉडलों की कीमतों में भी बढ़ोतरी की योजना है। कंपनी ने कहा है कि अन्य मॉडलों की कीमत के बारे में औपचारिक सूचना बाद में दी जाएगी।
2 of 5
Maruti Suzuki
- फोटो : For Reference Only
मारुति सुजुकी के अलावा कई कार निर्माताओं को भी इनपुट लागत बढ़ने की वजह से ही अपने मॉडलों की कीमतों में बढ़ोतरी करनी पड़ी है। हालांकि यह देखा जाना बाकी है कि लॉकडाउन प्रतिबंधों में ढील दिए जाने के बाद, कीमतों में हुई बढ़ोतरी का ऑटो उद्योग की बिक्री में संभावित रूप से हो रहे सुधार को कैसे प्रभावित कर सकती है। बता दें कि मारुति इस समय अपने 6 पैसेंजर व्हीकल्स WagonR (वैगनआर), Celerio (सेलेरियो), S-Presso (एस-प्रेसो), Ertiga (अर्टिगा), Alto 800 (ऑल्टो 800) और Eeco (ईको) को फैक्ट्री फिटेड सीएनजी किट्स के साथ बेचती है।
3 of 5
Maruti Suzuki Swift Facelift 2021
- फोटो : Maruti Suzuki
जून के महीने में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को बड़े पैमाने पर राहत मिली है क्योंकि सभी सेगमेंट में बिक्री ग्रीन जोन में लौट आई है। कोविड-19 की दूसरी लहर ने एक बार फिर उत्पादन, मांग और खुदरा बिक्र पर ब्रेक लगा दिया था। जिसके बाद नए मॉडल पेश किए जाने से लेकर पैदा हुई मांग तक के कारणों की वजह से उद्योग को रिकवरी के रास्ते पर वापस लाने में मदद की।
4 of 5
Maruti Suzuki Alto
- फोटो : Maruti Suzuki Alto
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने जून के महीने में 1,65,576 यूनिट्स का निर्माण किया, जो मई में तैयार किए गए 40,924 यूनिट्स के आंकड़े से चार गुना ज्यादा है।
5 of 5
Baleno
- फोटो : For Reference Only
मानसून और आने वाले त्योहारी महीनों में बड़े पैमाने पर सकारात्मक रुझान को ऑटो इंडस्ट्री द्वारा कुछ हद तक आशावाद के साथ देखा जा सकता है, कई लोग यह भी बताते हैं कि कोविड-19 की तीसरी लहर के खतरे के साथ-साथ ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण सतर्क रहने की जरूरत है। जो संभावित खरीदारों को नई कार खरीदने से रोक सकता है।