जनरल मोटर्स का भारत से पुराना नाता रहा है, एक वक्त तो ऐसा भी था भारतीयों के लिए जीएम ही सबकुछ था। लेकिन वक्त बदलने में देर नहीं लगती। किस्मत कब अपना रुख बदल दे इसका आकलन भी नहीं किया जा सकता। जनरल मोटर्स अच्छी कारों के लिए हमेशा से जानी गई है। लेकिन आफ्टर सेल्स सर्विस की कमी व खराब मार्केटिंग रणनीति ने इस मजबूत कार कंपनी की भारत में जड़ें हिलाकर रख दीं। पर आइए हम आपको मिलवाते हैं जनरल मोटर्स की उन कारों से जो अभी अस्तित्व में हैं और इन्हें भुलाना या भूलना भारतीयों के लिए इतना आसान नहीं होगा। भले ही जीएम भारत में अपना कारोबार न करे लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि जीएम वैश्विक तौर पर एक मजबूत कार कंपनी है। लेकिन पिछले 21 सालों से भारत के महज 1 फीसदी कार बाजार पर ही कंपनी कब्जा कर पाई थी।
जीएम की इन कारों को आप यूं नहीं भूल पाएंगे
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शेव्रोले बीट
सबसे पहली बार जीएम की इस कार को कंपनी ने 2007 के न्यूयॉर्क ऑटो शो में प्रदर्शित किया था। लेकिन इसे भारत में 2010 के ऑटो एक्सपो में दिखाया व लॉन्च किया गया। उस समय इस कार में 1.2 लीटर पेट्रोल इंजन लगा था। उस समय के ऑटो एक्सपो में इस कार को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। काफी समय तक इसकी बिक्री भी अच्छी हुई पर बाद में इसकी रफ्तार सुस्त पड़ गई।
यह छोटी कार देवू के मैटिज प्लेटफॉर्म पर आधारित थी, इसे बीट की तरह कम खर्चे वाली कार के रूप में प्रोजक्ट किया गया। लेकिन यह कार ऑल्टो व हुंडई सैंट्रो को टक्कर देने में सफल नहीं हुई।
अक्तूबर 2009 में लॉन्च हुई इस कार को लग्जरी सेडान के रूप में काफी अच्छा रिस्पांस मिला था। शुरू में इसे पेट्रोल के महज दो वेरिएंट व डीजल के एक वेरिएंट में लॉन्च किया था। शुरू में इसे भी अच्छा रिस्पांस मिला पर बाद में इसकी बिक्री सुस्त पड़ गई।
2009 में लॉन्च हुई इस एसयूवी को कई बार ऑटो क्रिटिक्स ने बेस्ट एसयूवी तक कहा था। इसकी आक्रामक डिजाइन लोगों को बहुत पसंद आई थी खासकरके युवाओं को। लेकिन फोर्ड एंडेवर व टोयोटा फॉर्चूनर से मुकाबले में यह काफी पीछे रही परिणामस्वरूप इसकी बिक्री गिरती चली गई।