भारत में कार दुर्घटनाएं तेजी के साथ बढ़ रही हैं और बहुत से लोग अपनी जान इसमें गंवा रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में हर घंटे सड़क दुर्घटना में 16 लोग अपनी जान गंवा देते हैं। बीते शनिवार 6 मई को गाजियाबाद में एक एक्सयूवी नहर में गिर गई और एक युवक काल के गाल में समा गया। सड़क दुर्घटनाओं का शिकार सिर्फ आम लोग ही नहीं हो रहे हैं बल्कि देश के कई नामी लोग अब तक सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवा चुके हैं। आइए आपको पांच ऐसी बड़ी हस्तियों के बारे में जिन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाई। हम आपको यह भी बताएंगे कि क्या करें कि ऐसी दुर्घटनाएं न हों।
इन पांच सड़क दुर्घटनाओं से लें सबक और रहें सुरक्षित
साहिब सिंह वर्मा
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री व बाजपेई सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे साहिब सिंह वर्मा की मौत 2007 में एक रोड एक्सीडेंट में उस समय हुई जब वो दिल्ली से जयपुर जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सफारी साहिब सिंह वर्मा की टाटा सफारी एक मिनी ट्रक से टकरा जो अपोजिट डायरेक्शन से आ रही थी। इस दुर्घटना की मुख्य वजह थी एक गलत दिशा से आ रहा ट्रक। आपको बताते चलें इस दुर्घटना के बाद भी स्थितियां एकदम नहीं सुधरी हैं और इस एनएच8 पर अभी भी गलत दिशा से आने वाले वाहन ढेर सारी दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। साहिब सिंह वर्मा की उस समय उम्र महज 64 साल की थी। इस दुर्घटना में उनके ड्राइवर व गनमैन की मौत हो गई थी।
हमारा सुझावः सिर्फ थोड़ा सा पेट्रोल बचाने के चक्कर में गलत दिशा से ड्राइव न करें बल्कि आगे यू टर्न ढूंढें और वापस आएं, खुद सुरक्षित रहें और दूसरों को भी बचाएं।
कांग्रेस के वरिष्ठ व प्रखर नेता राजेश पायलट की मौत जून 2000 में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। उस समय पायलट की उम्र महज 55 साल की थी। जिस समय यह दुर्घटना हुई उस समय पायलट अपने लोकसभा क्षेत्र राजस्थान दौसा का दौरा करके लौट रहे थे। पायलट एक स्टेट हाईवे से गुजर रहे थे और खुद कार ड्राइव कर रहे थे। शाम को लगभग सवा चार बजे उनकी कार सामने से आ रही राजस्थान स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट बस से टकरा गई। इस दुर्घटना में पायलट के साथ तीन और लोगों की मौत हो गई। इस एक्सीडेंट की वजह एकदम साफ है कि सिंगल रोड पर दिखाई गई लापरवाही के चलते इतनी बड़ी दुर्घटना हुई।
हमारा सुझावः अगर किसी सिंगल पर रोड पर ड्राइव कर रहे हों तो अपना दिमाग एकदम स्थिर रखें व नजरें सामने गड़ाए रखें। ओवरटेकिंग तभी करें जब सामने का रास्ता एकदम क्लीयर हो। कभी भी यह मानकर न चलें कि सामने दिख रहा वाहन आपके ओवरटेकिंग के पहले आप तक नहीं पहुंचेगा। हमेशा सड़क के एक तरफ गाड़ी चलाएं सुरक्षित रहेंगे। कभी भी यहां जल्दबाजी न करें आप भी सुरक्षित रहेंगे और दूसरे भी।
जिसका नाम सुनते ही हंसी आ जाती है और जिसने अपनी पूरी जिंदगी सबको अपनी कॉमेडी से हंसाया वो एक सड़क दुर्घटना में हमें छोड़कर चला गया। यहां पर मैं बात कर रहा हूं जसपाल भट्टी की। 2012 में जसपाल भट्टी अपने बेटे जसराज के साथ भटिंडा से जलंधर आ रहे थे तभी उनकी कार एक पेड़ से टकरा गई। उस समय गाड़ी उनके बेटे ड्राइव कर रहे थे। कार की पिछली सीट पर बैठे जसपाल की तुरंत मौत हो गई। इस दुर्घटना के पीछे उस समय के डीएसपी एमएस भुल्लर ने बताया था कि यह घटना एक ब्लाइंड टर्न पर हुई और पूरी संभावना है कि जसराज या तो उस समय नींद में थे या फिर उन्होंने इस टर्न को ध्यान से नहीं देखा।
हमारा सुझावः गाड़ी ड्राइविंग एक कला है लेकिन इस कला को दिखाने से पहले खुद को इसके लिए तैयार करना पड़ता है। लांग ड्राइव पर निकलने से पहले पूरी नींद लें इसके बावजूद अगर आपको रास्ते में ड्राइविंग के दौरान थकावट महसूस हो या आंखें बंद हो रही हों तो गाड़ी को सड़क के किनारे किसी ढाबे पर रोककर एक पावर नैप ले लें। आप भी सुरक्षित रहेंगे और आपके साथ यात्रा करने वाला भी सेफ रहेगा।
वरिष्ठ बीजेपी नेता व मोदी सरकार के कैबिनेट में शामिल गोपीनाथ मुंडे की मौत 5 जून 2014 को दिल्ली में एक सड़क दुर्घटना में हो गई। गोपीनाथ तड़के सुबह 6 बजे इंदिरागांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट मुंबई के लिए फ्लाइट पकड़ने जा रहे थे तभी अरविंदो चौक पर उनकी एसएक्स4 कार को रेड लाइट तोड़कर आ रही एक कार ने टक्कर मार दिया। उस समय गोपीनाथ मुंडे गाड़ी की पिछली सीट पर बैठे हुए थे।
हमारा सुझावः सुबह हो या शाम ट्रैफिक लाइट का पालन करें। अगर आप पिछली सीट पर भी बैठे हैं तो अपना बेल्ट पहनकर रखें इससे बॉडी को सपोर्ट मिल जाता है। कई रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि अगर जसपाल भट्टी और गोपीनाथ मुंडे ने अपनी सीट बेल्ट पहनी होती तो वो आज हमारे बीच होते।