खासकर गर्मियों में गाड़ियों के टायर फटने की समस्या बेहद आम है। टायर फटने के चलते हर साल कई हादसे होते हैं, जिनमें लोगों का जानमाल का नुकसान उठाना पड़ता है। सरकार ने टायर फटने जैसे हादसों पर रोक लगाने के लिए टायरों में एक खास सिस्टम को लगाने के लिए मंजूरी दे दी है, जिसके बाद ऐसे हादसों में कमी आएगी।
अब सड़कों पर नहीं फटेंगे गाड़ियों के टायर, सरकार लाने जा रही है ये खास तकनीक
सरकार ने जारी किया ड्राफ्ट
केन्द्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने प्रस्ताव रखा है कि सभी गाड़ियों में टीपीएमएस यानी टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम को लगाना अनिवार्य कर दिया जाए। मंत्रालय ने इस अधिसूचना का ड्राफ्ट भी जारी कर दिया है। मंत्रालय ने टायर फटने से होने वाले हादसों को रोकने के लिए ऑटोमेटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई) के साथ मिल कर स्थाई ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड कमेटी का गठन किया था। कमेटी की तरफ से तय मानकों मंत्रालय ने मानते हुए गाड़ियों में टीपीएमएस लगवाने के मानक 29 अप्रैल को जारी कर दिए।
किन कारों में है टीपीएमएस
पहले ये फीचर केवल महंगी लग्जरी गाड़ियों में ही आता था। वहीं अब कई कार कंपनियां ये फीचर दे रही हैं। इस साल फऱवरी में लांच महिन्द्रा एक्सयूवी300, अपकमिंग एमजी हेक्टर एसयूवी, महिन्द्रा एक्सयूवी 500, फोर्ड एंडेवर, टोयोटा यारिस में टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम का फीचर दिया जा रहा है।
मारुति ने लांच किया टीपीएमएस
इसके अलावा मारुति ने भी सेफ्टी फीचर के तौर पर एसेसरीज के रूप में टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम लांच किया है। यह ऑप्शन एसेसरीज के तौर पर खरीदा जा सकता है। कंपनी ने इसकी कीमत 12,990 रुपये रखी है।
कैसे काम करता है सिस्टम
इस सिस्टम में 5 सेंसर लगे होते हैं, जिनमें स्पेयर व्हील भी शामिल है। हर सेंसर टायरों में भरी हवा के प्रेशर पर नजर रखेगा और जैसे ही हवा का प्रेशर तय सीमा से कम होगा, डैशबोर्ड पर लगी स्क्रीन पर सूचना देगा। टायरों में हवा का दबाव कम होने का मतलब है हादसे को न्यौता देना। ऐसी स्थिति में टायर फट भी सकता है।
वहीं अगर आप हाइवे पर तेज रफ्तार से जा रहे हैं, और इस दौरान घर्षण से टायरों में हवा का दबाव बढ़ता है, तो यह सिस्टम ड्राइवर को अलर्ट कर देगा, ताकि आप कार रोक कर टायरों के ठंडा होने का इंतजार करें।