देश में बीएस-4 वाहनों की बिक्री पर सुप्रीम कोर्ट की तरफ से रोक लगा दी गई है, लेकिन डीलरों के जुगाड़ से अभी भी इन वाहनों की बिक्री हो रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक देश के कई जिलों में डीलरों की तरफ से कई बीएस-4 वाहनों की खरीदारी कर ली गई। डीलरों ने अपने नाम, स्टाफ या अपने रिश्तेदारों के नाम पर बीएस-4 वाहनों का रजिस्ट्रेशन करा लिया। अब इन्हीं वाहनों की बिक्री की जा रही है। दरअसल लॉकडाउन के दौरान बीएस-4 वाहनों की बिक्री पर 10 दिनों का अतिरिक्त समय दिया गया था। माना जा रहा है कि उसी दौरान डीलरों की तरफ से यह जुगाड़ लगाया गया।
BS4 गाड़ियों को बेचने के लिए डीलरों ने लगाया जुगाड़, कानून के जानकार भी हुए हैरान, ये है पर्दे के पीछे का खेल
इस तरह हुआ खेल
दरअसल जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 31 मार्च से बीएस-4 वाहनों की बिक्री पर रोक लगा दी गई, तब डीलरों ने कोर्ट से अतिरिक्त समय मांगा। डीलरों की तरफ से कहा गया कि लॉकडाउन के कारण उनके पास अभी काफी स्टॉक बचा रह गया है। इसके बाद कोर्ट ने 10 दिनों का अतिरिक्त समय दिया और यहां से शुरू हुआ सारा खेल। डीलरों ने अपने ऑफिस में काम करने वाले स्टाफ, अपने नाम और रिश्तेदारों के नाम पर बीएस4 वाहनों का रजिस्ट्रेशन आरटीओ ऑफिस में कराया। इसके बाद इन वाहनों को शोरूम में ही रहने दिया गया।
सस्ती कीमत पर हो रही बिक्री
रिपोर्ट्स के मुताबिक शोरूम में पड़ी इन गाड़ियों पर ग्राहकों को भारी डिस्काउंट ऑफर दिया जा रहा है। दरअसल जब कोई ग्राहक शोरूम में पहुंच रहा है, तो उसे इन वाहनों पर दिए जा रहे ऑफर के बारे में बताया जा रहा है। कई जगहों पर तो खरीदी गई कीमतों से भी कम दाम पर गाड़ियों की बिक्री हो रही है।
कानून के हिसाब से गलत या सही?
कानून के कई जानकारों का कहना है कि डीलरों का यह जुगाड़ कानूनी रूप से गलत नहीं है। उनका कहना है कि 31 मार्च तक वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी, लेकिन उससे पहले ही डीलरों ने आरटीओ ऑफिस में वाहनों का रजिस्ट्रेशन करवा लिया था। ऐसे में यहां कहीं भी कानून को तोड़ा नहीं गया है। कानून के जानकारों के मुताबिक जब डीलर किसी भी व्यक्ति को गाड़ी बेचता है तो गाड़ी केवल ट्रांसफर होती है। इस दौरान रजिस्ट्रेन पुराना वाला ही जारी रहता है।
वहीं, अधिकारियों का कहना है कि जिन डीलरों ने अपने स्टाफ या रिश्तेदारों के नाम पर रजिस्ट्रेशन कराया है, उनका पता लगा पाना बहुत मुश्किल है।
सुप्रीम कोर्ट ने जताई थी नाराजगी
दरअसल बीएस-4 वाहनों का अभी काफी स्टॉक बचा है। ऐसे में फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में बिक्री की तारीख को बढ़ाने के लिए याचिका दायर की गई। सुप्रीम कोर्ट ने अगले आदेश तक बीएस-4 वाहनों की बिक्री पर रोक लगा दिया है। दरअसल वाहनों की बिक्री पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इस मामले में गड़बड़ी की गई है। मार्च महीने में कोर्ट के सामने दिए आंकड़ों में बताया गया था कि करीब 7 लाख दोपहिया, 12,000 कॉमर्शियल और 15,000 पैसेंजर वाहन स्टॉक में बचे हुए हैं।
कोर्ट को बताया गया था कि 1.5 लाख टू-व्हीलर, 2,000 कॉमर्शियल और 2,250 पैसेंजर वाहनों की इस दौरान बिक्री हुई, लेकिन उनका रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया। इसके बाद कोर्ट ने रजिस्ट्रेशन के लिए 30 अप्रैल तक का समय दिया था। माना जा रहा है कि इसी दौरान डीलरों की तरफ से यह खेल किया गया।