वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को सभी तरह के सांसारिक सुखों का कारक माना जाता है। ये ग्रह भोग और विलासिता से जुड़े हुए सभी पहलुओं से संबंध रखता है। यह व्यक्ति की कुंडली में सुख-समृद्धि, ऐशो-आराम, प्रेम और काम वासना का कारक है। शुक्र जब किसी व्यक्ति की कुंडली में प्रबल होता है तो उसका जीवन बहुत ही सुख और शांति से बीतता है। व्यक्ति सभी तरह के भौतिक सुखों का आनंद लेता है।
धन-वैभव और सभी तरह के सांसारिक सुखों को देता है ये ग्रह, ऐसे करें प्रसन्न
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वहीं कुंडली में शुक्र के कमजोर होने व्यक्ति को आर्थिक परेशानियां और भौतिक चीजों की कमी सताने लगती है। जीवन में दरिद्रता का आगमन भी शुक्र ग्रह के पीड़ित होने के कारण आती है। ज्योतिष विज्ञान में शुक्र के कमजोर होने पर उसको मजबूत करने के कुछ उपाय बताए जाते हैं जिसमें पूजा-पाठ, दान, व्रत और रत्न को धारण करने की सलाह दी जाती है।
कला, संगीत, सौंदर्य एवं सुख-समृद्धि का कारक ग्रह शुक्र वृष और तुला राशि का स्वामी है। शुक्र मीन राशि में उच्च उच्च का और कन्या राशि में नीच का होता है। यह 27 नक्षत्रों में से भरणी, पूर्वा फाल्गुनी और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्रों का स्वामी है। ग्रहों में बुध और शनि ग्रह शुक्र के मित्र ग्रह हैं और सूर्य और चंद्रमा इसके शत्रु ग्रह माने जाते हैं। शुक्र का गोचर 23 दिन की अवधि का होता है अर्थात शुक्र एक राशि में करीब 23 दिन तक रहता है।
शुक्र ग्रह को शुभ बनाने के लिए इस मंत्र का जाप किया जाता है
ॐ शुं शुक्राय नम:।
ॐ हिमकुन्दमृणालाभं दैत्यानां परमं गुरुं
कुंडली में शुक्र ग्रह को मजबूत करने के लिए शुक्रवार का व्रत रखें और मां लक्ष्मी की उपासना करें।
ज्योतिष में प्रत्येक दिन के लिए अलग-अलग रंगों के वस्त्रों को पहना जाता है। शुक्र ग्रह को मजबूत करने के लिए इस दिन सफेद रंग के कपड़े पहना शुभ रहता है। दान देने से सभी तरह के दोष दूर हो जाते हैं, ऐसे में शुक्र ग्रह को मजबूत करने के लिए सफेद चीजों का दान करना चाहिए।