Vastu Tips For Bathroom: बाथरूम में रखें इन बातों का विशेष ध्यान, बनी रहेगी सुख-शांति और सकारात्मकता
Bathroom Vastu Tips: बाथरूम से लेकर मुख्य द्वार तक हर एक एक चीज के लिए वास्तु के नियमों को ध्यान में रखना बहुत जरूरी माना गया है। बाथरूम घर की समग्र ऊर्जा को प्रभावित करने वाला एक शक्तिशाली स्थान होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाथरूम में किन-किन बातों का ध्यान रखना जरुरी होता है।
वास्तु के अनुसार, बाथरूम का दरवाजा खुला रखना नकारात्मक ऊर्जा को पूरे घर में फैला देता है। इसलिए इसे हमेशा बंद रखना चाहिए। साथ ही दरवाजे पर कुछ ऐसा भी लगा सकते हैं, जिसे देखने से आपका मन सकारात्मक ऊर्जा से भर जाए।
बाथरूम में लगे आईने की सही दिशा
बाथरूम में शीशे को दरवाजे के ठीक सामने न लगाए। वास्तु के अनुसार, इससे नकारात्मक ऊर्जा और अधिक बढ़ सकती है। साथ ही ये भी ध्यान रखें कि शीशे में टॉयलेट सीट न दिखे। यह नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ वास्तु दोष भी पैदा कर सकता है।
बाथरूम के एक कोने में सेंधा नमक से भरी कटोरी रखनी चाहिए। वास्तु के अनुसार, यह नमक नकारात्मक ऊर्जा को सोखने का काम करता है। लेकिन इसे हर 15 दिन में बदल देना चाहिए।
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बाथरूम में मनी प्लांट या लकी बैम्बू रखना सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देता है और वातावरण को ताजा बनाए रखता है। हालांकि, अगर आपके बाथरूम में स्पेस नहीं है तो आप इसे नजरअंदाज भी कर सकते हैं।
सही रंगों का चयन
वास्तु के अनुसार बाथरूम में सफेद, बेज, हल्का नीला या सौम्य हरा रंग सबसे शुभ माने जाते हैं। ये रंग स्वच्छता, शांति और ताजगी का प्रतीक होते हैं।
बाथरूम की सही दिशा
वास्तु के अनुसार, बाथरूम को या तो उत्तर या उत्तर पश्चिम दिशा में बनवाना चाहिए ताकि ताजी ऊर्जा आसानी से भीतर आ सके।
बाथरूम को रोशनी से भरपूर रखें और उसमें एयर फ्रेशनर या अरोमा डिफ्यूजर का उपयोग करें। इससे वातावरण में ताजगी के साथ सकारात्मक ऊर्जा भी रहती है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।