घर में वास्तु का सही होना बहुत आवश्यक होता है. वास्तुदोष होने विभिन्न प्रकार की समस्याएं घर में आने लगती हैं। परिवार में कलह रहने लगती है, घर के सदस्य के बीच प्रेम भाव कम होने लगता है, वास्तु दोष होने से घर और व्यापार से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, वास्तु में हर दिशा का बहुत महत्व होता है, वास्तु में दिशाओं के अनुसार हर कार्य करने का नियम बताया गया है। जानते हैं कि हमें दिशाओं के अनुसार कैसे कार्य करने चाहिए।
वास्तु: दिशाओं को ध्यान में रखकर करेंगे कार्य तो आएगी सुख-समृद्धि और संपन्नता
पूजा करते समय सही दिशा में मुख करना
घर में पूजा के स्थान सही दिशा में होना बहुत आवश्यक होता है, इससे आप अपना ध्यान पूजा पूरी तरह से लगा पाते हैं और पूर्ण फल की प्राप्ति होती है, पूजा का स्थान इस तरह से बनाना चाहिए कि पूजा करते समय आपका मुख उत्तर-पूर्व या फिर उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए, घर में मंदिर उत्तर पूर्व कोने में बनाना चाहिए, इसे घर का ईशान कोण भी कहा जाता है।
भोजन करते समय भी रखें दिशा का ध्यान
वास्तु में भोजन करने की भी सही दिशा बताई गई है, भोजन का हमारी सेहत से सीधा संबंध होता है, इसलिए भोजन करते समय भी दिशा का ध्यान रखना आवश्यक होता है अगर आप गलत दिशा में बैठकर भोजन करते हैं तो उस दिशा की नकारात्मक ऊर्जा का बुरा प्रभाव आपके ऊपर पड़ने लगता है, भोजन करते समय भोजन की थाली दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना चाहिए, और अपने मुख को पूर्व दिशा की ओर करके बैठे।
सोते समय रखें इन बातों का ध्यान
शयन कक्ष में अपने सोने के बिस्तर या पलंग को दक्षिण और उत्तर दिशा में ही रखें। अपने बेड को इस तरह से रखें कि सोते समय आपका मुख दक्षिण दिशा की तरफ और आपके पैर उत्तर दिशा की तरफ होने चाहिए, दक्षिण दिशा की ओर पैर करके सोने को शुभ नहीं माना जाता है, इससे आपका भाग्य खराब होता है।
घर में जल का स्थान
वास्तु में जल का स्थान बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। जल का बहाव गलत दिशा में होने से घर में आर्थिक परेशानियां आने लगती हैं। अगर आपके घर में पानी का बहाव गलत दिशा में होता हैं तो घर के उत्तर पूर्व दिशा में जल का स्थान बनवाएं, और उस जगह से हर पूरे घर में पानी की सप्लाई का प्रबंध करें। इससे घर का वास्तु दोष ठीक हो जाता है।