सनातन धर्म में भगवान गणेश और श्री महालक्ष्मी की प्रसन्नता का पर्व कार्तिक अमावस्या यानि शुभ दीपावली पर्व इस बार 14 नवंबर शनिवार को मनाया जाएगा। भगवान विष्णु की प्रिया महालक्ष्मीजी के स्वागत में कई-कई दिनों पहले से ही हम तैयारियों में जुट जाते हैं। घरों और व्यापारिक संस्थानों की साफ-सफाई, रंग-रोगन के उपरांत खूब सजाया जाता हैं। दीपावली पर देवी लक्ष्मी के स्वागत तरह-तरह के तोरण या बंधनवार आप अपने मुख्य द्वार पर लगाते हैं। यदि वास्तु नियमों के अनुसार दिशाओं और रंगों को ध्यान में रखकर कार्यस्थल या घर के मुख्य द्वार पर तोरण बांधा जाए तो निश्चित रूप से हमें शुभ परिणाम प्राप्त होंगे और खुशियां, सफलता और समृद्धि हमारे जीवन में दस्तक देंगी।
Vastu Tips For Diwali 2020: दीपावली पर मुख्य द्वार पर कैसा लगाएं तोरण, जानें वास्तु के कुछ नियम
तोरण से आएंगी खुशियां
मुख्य द्वार पर बाँधने वाले तोरण को बंधनवार भी कहा जाता है। माँ लक्ष्मीजी के स्वागत में व इन्हें प्रसन्न करने के लिए दरवाजे पर इसे बांधना शुभ माना गया है। इन्हें बांधने से सकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश करती है वहीं नकारात्मक शक्तियां घर में नहीं आतीं। तोरण आप ताज़े फूल-पत्तियों, प्लास्टिक के फूलों या फिर धातु का भी बना सकते हैं। आजकल बाजार में अलग-अलग रंगों और डिजाइन के तोरण खूब मिलते हैं। तोरण का चयन घर की दिशा अनुसार, रंगों और आकार को ध्यान में रखकर करने से सौभाग्य में वृद्धि होती है।
पूर्व दिशा के लिए
यदि आपके घर का मुख्य द्वार पूर्व में है तो हरे रंग के फूलों और पत्तियों का तोरण लगाना सुख-समृद्धि को आमंत्रित करता है। इस दिशा में ताजे आम और अशोक के पत्तों का तोरण लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहेगी।
उत्तर दिशा
धन की दिशा उत्तर के मुख्य द्वार के लिए नीले या आसमानी रंग के फूलों का तोरण लटकाना चाहिए। यदि आपके पास ताज़े फूल नहीं है तो आप प्लास्टिक के फूलों का इस्तेमाल कर सकते हैं। पर ध्यान रहे फूल-पत्तियां कटे-फटे और गंदे न हों। ये नकारात्मकता को बढ़ाते हैं।
यदि घर का प्रवेश द्वार दक्षिण दिशा में है तो लाल, नारंगी या इससे मिलते-जुलते रंगों के तोरण से द्वार को सजाना चाहिए। ऐसा करने से धन का आगमन होगा और मान-सम्मान में वृद्धि होगी।