Ancestors Pictures In Puja Room: हिन्दू धर्म में वास्तु शास्त्र को बहुत महत्व दिया गया है। इन नियमों का सही से पालन करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। साथ ही जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। वास्तु के अनुसार पूजा घर में देवी-देवताओं की मूर्तियों और तस्वीरों को सही दिशा में रखना भी जरूरी होता है। ऐसा स्थान जहां भगवान की पूजा की जाती है, जैसे घर का मंदिर या भगवान की पूजा के लिए घर में बनाए गए स्थान को पवित्र रखना भी आवश्यक होता है। यहां अशुद्ध वस्तु न हो इस बात का भी खास ध्यान रखा जाता है।
Vastu Tips: क्या पूजा घर में रख सकते हैं पूर्वजों की तस्वीर? जानें क्या कहता है वास्तु शास्त्र
क्या पूजा घर में रख सकते हैं पूर्वजों की तस्वीर?
आमतौर पर हिन्दू परिवारों में पूजा घरों में भगवान की मूर्तियों के अलावा कुछ तस्वीरें भी देखी जाती हैं। यह तस्वीरें देवी-देवताओं के साथ संत-महात्मा की भी होती हैं। कई बार लोग उनकी तस्वीर भी पूजा घर में लगाते हैं और उनकी पूजा करते हैं। इसके अलावा कई लोग अपने स्वर्गवासी पूर्वजों की भी तस्वीर पूजा घर में लगा देते हैं। लेकिन वास्तुशास्त्र के अनुसार, ऐसा कभी नहीं करना चाहिए।
वास्तु के अनुसार, पूजा स्थल उत्तर-पूर्व दिशा में स्थापित होना चाहिए। यदि ऐसा संभव न हो तो केवल उत्तर या पूर्व की दिशा में भी आप मंदिर लगा सकते हैं। हालांकि, उत्तर-पूर्व दिशा को पूजा घर के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
मृत परिजनों की तस्वीर लगाने का सही नियम
अगर आप अपने घर में मृत परिजनों की तस्वीर लगाना चाहते हैं तो इसके लिए दक्षिण-पश्चिम दिशा चुनी जानी चाहिए। यदि किसी अन्य दिशा में तस्वीर लगाई जाती है, तो इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास हो सकता है। इससे परिवार के लोगों की मानसिक अवस्था पर बुरा प्रभाव भी पड़ सकता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।