बचपन से ही आप शगुन और अपशगुन के बारे में पढ़ते और सुनते आ रहे हैं। जैसे कि जब हम परीक्षा देने के लिए घर से निकलते हैं तो दही खाकर निकलने क परंपरा है। मान्यता है किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले अगर दही खाकर घर से निकला जाता है तो कार्य जरूर शुभ और सफल होता है। वहीं दूसरी तरफ कई अपशगुन भी होते हैं। जिनके बारे में मान्यता है कि अपशगुन होने पर कार्यों में बाधाएं आती हैं और कार्य सफल नहीं होता। शगुन और अपशगुन की ये मान्यताएं प्राचीनकाल से ही चली आर रही हैं। जिसमें कुछ लोग इन मान्यताओं पर विश्वास करते हैं तो कुछ नहीं। आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही 10 अपशगुनों के बारे में...
अपशकुन मानी जाती हैं ऐसी 10 घटनाएं, जानिए इनके संकेत
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1- पानी का अपशगुन
ऐसा माना जाता है कि जिन घरों में नल से लगातार पानी टपकता रहता है वहां धन की हानि होती रहती है। इसके अलावा सुबह-सुबह बाथरूम में खाली बाल्टी देखना भी अपशगुन माना जाता है। खाली बाल्टी देखने से आर्थिक और मानसिक परेशानियां आती हैं। ऐसे में हमेशा बाथरूम में बाल्टी को भरकर रखना चाहिए।
मान्यता है जिन घरों में छोटे बच्चे होते हैं वहां पर नकारात्मक ऊर्जाएं जल्दी से हावी हो जाती है। ऐसे में उनके बिस्तर के सिरहने के पास लोहे से बनी चीजों का रखने से नकारात्मक ऊर्जाएं नहीं भटकती है। लेकिन जंग लगी लोहे की चीजों का घर पर रखना अपशगुन माना जाता है।
दूध का उबलकर जमीन पर गिरना अशुभ माना जाता है। जमीन पर दूध के गिरने से किसी बड़ी दुर्घटना या हानि होने का संकेत माना जाता है।
4- शीशे का अपशगुन
वास्तु शास्त्र में शीशे के बारे में काफी विस्तार से बताया गया है। शगुन शास्त्र में शीशे या कांच की चीजो का टूटना बहुत ही अपशगुन माना जाता है। टूटे हुए आइने में कभी भी देखकर श्रृंगार नहीं करना चाहिए। इसके अलावा एक साल से छोटे बच्चों को आईना देखना अशुभ होता है। घर के कोनो में कांच के टूटे हुए टुकड़ो को जमा कर रखना भी अशुभ माना जाता है।