Diwali Vastu Tips 2022: दीपावली भारत का सबसे प्रसिद्ध धार्मिक-सांस्कृतिक त्योहार है। प्रकाश का पर्व दीपावली लक्ष्मी को आमंत्रित करने का पर्व है। धन-वैभव,ऐश्वर्य और सौभाग्य की कामना से महालक्ष्मीजी के स्वागत में घरों और व्यापारिक संस्थानों की साफ-सफाई,रंग-रोगन के उपरांत खूब सजाया जाता हैं। वास्तु शास्त्र में सुख-समृद्धि,धन-धान्य की बढ़ोतरी के लिए अनेकों नियम और उपाय बताए गए हैं। दीपावली की सजावट में यदि वास्तु नियमों के अनुसार दिशाओं और रंगों को ध्यान में रखकर सजावट की जाए तो निश्चित रूप से हमें शुभ परिणाम प्राप्त होंगे। खुशियां,सफलता और समृद्धि हमारे जीवन में दस्तक देंगी।
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Diwali Vastu Tips 2022: दीपावली पर जीवन में सुख-समृद्धि के लिए अपनाएं वास्तु के खास उपाय
Mon, 24 Oct 2022 06:42 AM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Mon, 24 Oct 2022 06:42 AM IST
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diwali 2022: जिन घरों में साफ-सफाई रहती है वहां पर मां लक्ष्मी वास करने लगती हैं
- फोटो : अमर उजाला
diwali 2022
द्वार सजा लें
घर का मुख्य द्वार जहां से लक्ष्मी और सौभाग्य का प्रवेश घर के अंदर होता है। इसलिए उसका सुंदर,स्वच्छ होना,उस पर किसी शुभ चिन्ह जैसे स्वास्तिक,शुभ-लाभ या गणेशजी आदि का बना होना अत्यंत लाभप्रद माना गया है। त्योहार के दिनों में घर के मुख्य द्वार के ऊपर आम,अशोक के ताजे हरे पत्तों या फूलों की बंधनवार बांधना शुभ और समृद्धिकारक माना गया है।
घर का मुख्य द्वार जहां से लक्ष्मी और सौभाग्य का प्रवेश घर के अंदर होता है। इसलिए उसका सुंदर,स्वच्छ होना,उस पर किसी शुभ चिन्ह जैसे स्वास्तिक,शुभ-लाभ या गणेशजी आदि का बना होना अत्यंत लाभप्रद माना गया है। त्योहार के दिनों में घर के मुख्य द्वार के ऊपर आम,अशोक के ताजे हरे पत्तों या फूलों की बंधनवार बांधना शुभ और समृद्धिकारक माना गया है।
diwali 2022
जल से भरा पात्र रख लें
वास्तु के अनुसार ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) जल व ईश्वर का स्थान माना गया है और यहां सर्वाधिक सकारात्मक ऊर्जा रहती है। इस दिशा को साफ-सुथरा रखने एवं यहां जल का पात्र रखने से सौभाग्य में वृद्धि होती है,परिवार के सदस्यों की सेहत ठीक रहती है। दीपावली की सजावट में यहां आप जल से भरा मिट्टी का कटोरा जिसमें फूलों की पंखुड़ियां डालकर भी आप रख सकते हैं।
वास्तु के अनुसार ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) जल व ईश्वर का स्थान माना गया है और यहां सर्वाधिक सकारात्मक ऊर्जा रहती है। इस दिशा को साफ-सुथरा रखने एवं यहां जल का पात्र रखने से सौभाग्य में वृद्धि होती है,परिवार के सदस्यों की सेहत ठीक रहती है। दीपावली की सजावट में यहां आप जल से भरा मिट्टी का कटोरा जिसमें फूलों की पंखुड़ियां डालकर भी आप रख सकते हैं।
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रंगोली
- फोटो : अमर उजाला
रंगोली
दिवाली के मौके पर शुभता का प्रतीक रंगोली और मांडने बनाए जाते हैं,लक्ष्मीजी के स्वागत में गेरू और सफेद खड़िया से बनाए गए मांडने समृद्धि के आगमन के घोतक हैं। रंगोली बनाने से जीवन में खुशियां आती हैं और ईश्वर का आशीर्वाद मिलता है।
दिवाली के मौके पर शुभता का प्रतीक रंगोली और मांडने बनाए जाते हैं,लक्ष्मीजी के स्वागत में गेरू और सफेद खड़िया से बनाए गए मांडने समृद्धि के आगमन के घोतक हैं। रंगोली बनाने से जीवन में खुशियां आती हैं और ईश्वर का आशीर्वाद मिलता है।
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diwali
ऐसे जलाएं दीये
दीपावली की पूजा में घी या तेल के दीपक जलाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा दूर होकर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है,घर के सदस्यों को यश और प्रसिद्धि मिलती है। दीप ज्योति से समस्त पाप नष्ट होकर जीवन में सुख-समृद्धि,आयु,आरोग्य एवं सुखमय जीवन में वृद्धि होती। दीपावली के दिन लक्ष्मीजी की पूजा के दीपक उत्तर दिशा में रखने से घर धन-धान्य से संपन्न रहता है।