सनातन धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत ही पूजनीय और पवित्र स्थान दिया गया है। तुलसी का धार्मिक महत्व तो माना ही गया है, इसके साथ ही आयुर्वेद में भी तुलसी की बहुत लाभकारी बताया गया है। तुलसी कई औषधीय गुणों से भरपूर होती है। तुलसी के पत्तों की नियमित रूप से सेवन करने पर व्यक्ति के कई तरह के स्वास्थ्य लाभ होते हैं। सर्दी-जुकाम खांसी रोगों में भी तुलसी बहुत लाभकारी रहती है। यदि तुलसी के धार्मिक महत्व की बात करें तो यह भगवान विष्णु को बहुत प्रिय हैं। इसी कारण इन्हें हरिवल्लभा भी कहा जाता है। कार्तिक मास में तुलसी और शालिग्राम का विवाह भी किया जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार जिस घर में नियमित रूप से तुलसी की देखभाल और पूजा की जाती है, वहां मां लक्ष्मी का वास होता है। ऐसे घर में हमेशा सुख-समृद्धि बनी रहती है परंतु तुलसी के पौधे की पत्तियां तोड़ते समय कुछ बातों को ध्यान में रखना बहुत आवश्यक माना गया है। यदि इन बातों को ध्यान में न रखा जाए तो घर में धन संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। तो चलिए जानते हैं कि किन दिनों और कब तुलसी नहीं तोड़नी चाहिए।
इन दिनों पर भूलकर भी न तोड़े तुलसी, घर में आती है दरिद्रता
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shashi Shashi
Updated Mon, 15 Mar 2021 01:58 PM IST
सार
- तुलसी को हरिवल्लभा भी कहा जाता है।
- एकादशी, द्वादशी, संक्रांति और ग्रहण के समय में तुलसी नहीं तोड़ना चाहिए।
- तुलसी के पत्तों को दांतो से नहीं चबाना चाहिए।
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