इस बात के इंकार नहीं किया जा सकता कि धन हर व्यक्ति के जीवन की सबसे बड़ी आवश्यकता है। भोजन, वस्त्र और घर जैसी जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं को प्राप्त करने के साथ ही रहन-सहन की स्थिति, सुख और संपत्ति सहित सभी चीजें धन पर ही निर्भर करती हैं। यही कारण है कि व्यक्ति दिन-रात बस धन प्राप्ति के लिए प्रयास में जुटा रहता है, परंतु हर किसी के भाग्य में धनवान होना नहीं लिखा होता है। धनवान होने के लिए व्यक्ति को मेहनत और प्रयास करने के साथ ही भाग्य और देवी-देवातओं के आशीर्वाद की आवश्यकता भी होती है। हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी को धन और ऐश्वर्य प्रदान करने वाली देवी माना गया है, परंतु मां लक्ष्मी चंचला हैं। एक स्थान पर ठहरना इनका स्वाभाव नहीं है। वहीं स्वर्ग के कोषाध्यक्ष कुबेर को स्थाई धन संपत्ति प्रदान करने वाले देव के रूप में पूजा जाता है। यदि आप चाहते हैं कि आपके घर में प्रचुर मात्रा में धन रहे तो आपको मां लक्ष्मी की तो पूजा करनी ही चाहिए साथ ही भगवान कुबेर की पूजा भी करनी चाहिए। तो चलिए जानते हैं कि किस विधि, मंत्र और कौन से दिन पूजन करके कुबेर भगवान की कृपा प्राप्त की जा सकती है।
स्थाई धन-संपत्ति पाने के लिए इस विधि और इस दिन करें कुबेर जी की पूजा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिस तरह से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए श्री यंत्र की पूजा की जाती है, उसी तरह से कुबेर यंत्र भी होता है। कुबेर जी की कृपा प्राप्त करने के लिए और धन प्राप्ति के लिए यह सबसे सरल माध्यम है। आप सोने, चांदी या पंचलोहा इन तीन धातुओं में से किसी एक में कुबेर यंत्र को अंकित करवा सकते हैं या फिर बना हुआ ला सकते हैं। नियमित रूप से विधि पूर्वक इस यंत्र की पूजा करनी चाहिए। इससे आपके घर में धन तो बना ही रहता है साथी ही आपका दुर्भाग्य दूर होता है। एक वेदी पर कुबेर यंत्र स्थापित करके उसका पूजन करें। पूजन करने के बाद यंत्र को सुरक्षित तरह से तिजोरी या जहां भी आप धन रखते हैं, उस स्थान पर रख दें। केवल पूजा के लिए इस यंत्र को निकालना चाहिए। उसके बाद फिर से वापस रख देना चाहिए। धन स्थान पर कुबेर यंत्र रखा होने से घर में कभी भी धन की कमी नहीं रहती है।
कुबेर मंत्र और इसकी विधि
हिंदू धर्म में मंत्रो से पूजा करने के बहुत महत्व माना गया है। इसी तरह से कुबरे देवता की पूजा में उनके मंत्र का बहुत अधिक महत्व है। इस मंत्र का प्रयोग कार्य सिद्धि के अनुसार करना चाहिए। मंत्र जाप से पूर्व संकल्प करते समय अपनी कामना को कहना चाहिए। यदि आपको धन प्राप्ति करनी है तो संकल्प करते समय इसे दोहराएं। यदि आपके पास धन है और आप चाहते कि आपके घर में इसी प्रकार से धन समृद्घि बनी रहे तो धन संचय का संकल्प करें। ध्यान रखें की इस मंत्र के जाप से पहले संकल्प अवश्य करना है।
“ओम यक्षाय, कुबेरया, वैश्रवणाय, दानदानाथिपतिये, धनदायनी समुद्दे देहि दापय स्वाहा”
कुबरे ध्यान मंत्र बहुत ही प्रभावशाली माना गया है। कुबेर देवता को प्रसन्न करने के लिए प्रतिदिन 11 बार इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
“मनुज बाह्या विमुना वरुस्तितम गरुड़ रत्न निंब निन्दिनकाम शिवसुख मुकुटादि विभोषितम्- वराद्यात्तम भजम् तथमिलम् अगस्ति देवा देवेश मार्तस्यालो हिताच्य- पूजयामि विद्याना प्रसन्ना सुम्बुना सुम्बो।”
भगवान कुबेर पूजा आप हर दिन की जा सकती है, लेकिन विशेष तिथि पर की पूजा और मंत्र जाप बहुत ही शीघ्र फलदायी होता है। इन मंत्रों को जाप और पूजा के लिए त्रयोदशी तिथि सबसे उपयुक्त रहती है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार यह चंद्र माह का 13वां दिन होता है।
- त्रयोदशी के दिन प्रातः जल्दी उठकर स्नान कर पवित्र वस्त्र धारण करें।
- इसके पश्चात वेदी को साफ करके उसके ऊपर स्वच्छ वस्त्र बिछाएं और कुबेर यंत्र को बाहर निकालकर वेदी पर रखें।
- हल्दी, सिंदूर और पीले चावल कुबेर यंत्र पर अर्पित करें।
- इसके बाद पुष्प हाथों में रखकर अपना संकल्प करें।
- संकल्प पूरा होने के पश्चात मंत्र जाप आरंभ करें।
- दोनों में से किसी भी मंत्र का जाप एक बार में पूरा यानि एक माला अवश्य करें।