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Bhakoot Dosh in Kundali: क्या होता भकूट दोष? जानें विवाह से पहले क्यों रखा जाता है इसका ध्यान

Sat, 13 Jul 2024 06:33 AM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Sat, 13 Jul 2024 06:33 AM IST
सार

कुंडली मिलान के समय गुण, गण, मैत्री, भाग्य, प्रकृति, नाड़ी और भकूट दोष का ज्ञान मिलता है।  इसी के आधार पर वर और कन्या के विवाह को स्वीकृति दी जाती है। इन सब में भकूट दोष को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है।

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Vivah Jyotish Bhakoot Dosh Know What is Bhakoot Dosh Reason To Avoid It And Upay
भकूट दोष - फोटो : amar ujala

Vivah Jyotish Bhakoot Dosh: हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार विवाह से पूर्व वर और कन्या की कुंडली का मिलान किया जाता है।  कुंडली मिलान या गुण मिलान वैदिक ज्योतिष में विवाह के लिए महत्वपूर्ण है। हिन्दू धर्म में विवाह बुजुर्गों और माता पिता के आशीर्वाद से संपन्न होते है , इसलिए विवाह के लिए कुंडली मिलान का काफी उच्च महत्व है।  कुंडली मिलान के बाद ही विवाह निश्चित किए जाते हैं।  कुंडली मिलान के माध्यम से ये पता चलता है की किस स्तर तक ग्रह वर और वधु को आशीर्वाद दे रहे है और कौन से ज्योतिष परिहार करने से विवाह में खुशियां आ सकती है।आइए जानते हैं, क्या है भकूट दोष और इसके उपाय। 

Vivah Jyotish Bhakoot Dosh Know What is Bhakoot Dosh Reason To Avoid It And Upay
भकूट दोष - फोटो : अमर उजाला
कैसे बनता है भकूट दोष?
कुंडली मिलान के समय गुण, गण, मैत्री, भाग्य, प्रकृति, नाड़ी और भकूट दोष का ज्ञान मिलता है।  इसी के आधार पर वर और कन्या के विवाह को स्वीकृति दी जाती है। इन सब में भकूट दोष को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली मिलान के दौरान वर और वधु की कुंडली में 6-8, 9-5 या 12-2 भाव में चंद्रमा स्थित है तो इससे भकूट दोष लगता है। 
Vivah Jyotish Bhakoot Dosh Know What is Bhakoot Dosh Reason To Avoid It And Upay
भकूट दोष - फोटो : Istock

क्या होता है भकूट दोष?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली मिलान के दौरान वर और वधु की कुंडली में 6-8, 9-5 या 12-2 भाव में चंद्रमा स्थित है तो इससे भकूट दोष लगता है। कुंडली में यदि 6-8 का भकूट दोष है तो विवाह के उपरांत शारीरिक कष्ट होता है। 9-5 का मिलान है तो संतान प्राप्ति में देरी के संकेत मिलते हैं और वैवाहिक संबंध खराब होते हैं। 12-2 का है तो इससे आर्थिक समस्याएं उत्पन्न होती हैं। 

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भकूट दोष - फोटो : i

भकूट दोष के निवारण के उपाय
यदि व्यक्ति का विवाह हो चुका है और कुंडली में भकूट दोष है तो इसका पूर्णतः निवारण नहीं होता है, लेकिन कुछ उपाय का पालन करने से इसके प्रभाव को काम किया जा सकता है। आइए जानते हैं इससे जुड़े उपाय। 

  • सबसे पहले महामृत्युंजय मंत्र का निरंतर जाप करें और भगवान शिव की विधिवत उपासना करें। ऐसा करने से कई प्रकार के दोष दूर होते हैं। 
  • इसके साथ विवाह के उपरांत पत्नी को गुरुवार का व्रत जरूर रखना चाहिए। इससे परिवार में आ रही समस्याएं दूर होती हैं। 
  • साथ ही गुरुवार के दिन ही स्नान-ध्यान के बाद जल में हल्दी मिलाकर केले के पौधे में यह जल प्रदान करना चाहिए।  
  • रोजाना स्नान-ध्यान के बाद सूर्य देव को जल का अर्घ्य दें।
  • इसके साथ रोज नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। इन उपायों का पालन करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है। 
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