Vivah Jyotish Bhakoot Dosh: हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार विवाह से पूर्व वर और कन्या की कुंडली का मिलान किया जाता है। कुंडली मिलान या गुण मिलान वैदिक ज्योतिष में विवाह के लिए महत्वपूर्ण है। हिन्दू धर्म में विवाह बुजुर्गों और माता पिता के आशीर्वाद से संपन्न होते है , इसलिए विवाह के लिए कुंडली मिलान का काफी उच्च महत्व है। कुंडली मिलान के बाद ही विवाह निश्चित किए जाते हैं। कुंडली मिलान के माध्यम से ये पता चलता है की किस स्तर तक ग्रह वर और वधु को आशीर्वाद दे रहे है और कौन से ज्योतिष परिहार करने से विवाह में खुशियां आ सकती है।आइए जानते हैं, क्या है भकूट दोष और इसके उपाय।
Bhakoot Dosh in Kundali: क्या होता भकूट दोष? जानें विवाह से पहले क्यों रखा जाता है इसका ध्यान
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता सिंह
Updated Sat, 13 Jul 2024 06:33 AM IST
सार
कुंडली मिलान के समय गुण, गण, मैत्री, भाग्य, प्रकृति, नाड़ी और भकूट दोष का ज्ञान मिलता है। इसी के आधार पर वर और कन्या के विवाह को स्वीकृति दी जाती है। इन सब में भकूट दोष को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन