सूर्यदेव अपनी स्वराशि सिंह की यात्रा समाप्त करके 16 सितंबर की सायं 07 बजकर 05 मिनट पर अपने मित्र बुध की राशि कन्या में प्रवेश कर रहे हैं। इस राशि पर ये 17 अक्टूबर की सुबह 07 बजकर 03 मिनट तक गोचर करेंगे उसके बाद अपनी नीचसंज्ञक राशि तुला में प्रवेश कर जाएंगे। सिंह राशि के स्वामी सूर्य मेष राशि में उच्चराशिगत तथा तुला राशि में नीचराशि गत संज्ञक माने गए हैं। फलित ज्योतिष में जन्मकुंडली के भावों अनुसार इनका शुभा-शुभ प्रभाव सर्वाधिक रहता है। किसी भी जातक की जन्मकुंडली में यदि सूर्य बलवान हों तो वह राजसत्ता का सुख भोगता है। समाज में मान प्रतिष्ठा बढ़ती है और उत्तम स्वास्थ्य का स्वामी होता है। इनका राशि परिवर्तन सभी प्राणियों के लिए अति महत्व रखता है। इनके शुभाशुभ प्रभाव के परिणामस्वरूप जातक के भविष्य में मिलने वाली सफलताओं की दिशा तय होती है अतः कन्या राशि पर गोचर करने का सभी राशियों पर कैसा प्रभाव रहेगा इसका ज्योतिषी विश्लेषण करते हैं।
मेष राशि- राशि से छठे शत्रुभाव में सूर्य का गोचर कई मायनों में आपके लिए वरदान सिद्ध होगा। इस राशि में सूर्य आपको अति प्रभावशाली बनाएंगे और सभी तरह की सुख समृद्धि प्रदान करेंगे। अपने साहस और पराक्रम के बल पर कठिन परिस्थितियों पर भी आसानी से विजय प्राप्त कर लेंगे। रोजगार की दृष्टि से कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा। कोर्ट कचहरी के मामलों में भी निर्णय आपके पक्ष में आने के संकेत। शत्रु परास्त होंगे किंतु परिवार में स्वास्थ्य संबंधी चिंता बढ़ सकती है।
वृषभ राशि- राशि से पंचम भाव में सूर्य का गोचर प्रेम संबंधी मामलों के लिए तो अच्छा नहीं कहा जा सकता किंतु शोध परक एवं आविष्कारक कार्यों में अति सफलता दिलाने वाला सिद्ध होगा। संतान संबंधी चिंता से मुक्ति मिलेगी। नव दंपति के लिए संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के भी योग। अपनी जिद एवं आवेश पर नियंत्रण रखते हुए कार्य करेंगे तो सफलताओं के चरम तक पहुंचेंगे। अधिकारियों से सहयोग मिलेगा चुनाव संबंधित निर्णय लेना भी आपके पक्ष में रहेगा।
मिथुन राशि- राशि से चतुर्थभाव में सूर्य का गोचर कुछ पारिवारिक कलह तथा मानसिक अशांति दे सकता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से हृदय संबंधी विकारों से सावधान रहें तथा माता पिता के स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें। केंद्र अथवा राज्य सरकार के प्रतिष्ठानों में लंबित पड़े हुए कार्यो का निपटारा होगा। कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। राजनीतिज्ञों तथा शीर्ष अधिकारियों से गहरे संबंध बनेंगे। किसी भी तरह के चुनाव आदि में सम्मिलित होना चाहें तो अवसर अनुकूल है।
कर्क राशि- राशि से तृतीय भाव में सूर्य का गोचर किसी वरदान से कम नहीं है। ये आपके सभी अरिष्टों का शमन तो करेंगे ही साहस एवं पराक्रम की भी वृद्धि करेंगे। सभी सोची समझी रणनीति कारगर रहेगी, लिए गए निर्णय तथा किये गए कार्यों की सराहना भी होगी। धर्म-कर्म के मामलों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे। विदेशी कंपनियों में सर्विस आदि के लिए आवेदन करना सफल रहेगा। ऊर्जा शक्ति का सदुपयोग अच्छे कार्यों में करें। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों एवं भाई-बहनों से मतभेद न पैदा होने दें।