17 नवंबर 2018 को सूर्य तुला राशि से वृश्चिक राशि में प्रवेश कर रहे हैं। आत्मकारक सूर्य किसी भी जातक के भीतर आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं। उसे तमाम विषम परिस्थितियों से लोहा लेने की ताकत प्रदान करते हैं। ऐसे में जिन लोगों में आत्मविश्वास की कमी है या फिर वो अपनी बात खुलकर नहीं कह पाते हैं, उन्हें प्रतिदिन उगते सूर्य का दर्शन एवं उन्हें जल अर्पित करना चाहिए। वृश्चिक राशि के स्वामी ग्रह मंगल है जो कि सूर्य के मित्र हैं। ऐसे में वृश्चिक राशि के जातकों के लिए तो यह शुभ फल देंगे, लेकिन अन्य राशियों पर क्या होगा इनका प्रभाव, जानने के लिए आगे की स्लाइड पर क्लिक करें —
सूर्य का वृश्चिक राशि में गोचर : जानें किन राशियों को मिलेगा वरदान और किन्हें रहना होगा सावधान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेष -
मेष राशि के लिए सूर्य अष्टम भाव में होगा। जातक को संतान की ओर से सचेत रहने की आवश्यकता है। साथ ही वाणी में संयम बरतें। शत्रु पर विजय पाने हेतु आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
वृषभ -
वृषभ राशि के लिए सूर्य सप्तम स्थान पर होगा। यहां सूर्य शत्रुता का भाव रखता है, लेकिन यह लग्नेश बुध का मित्र है तो अशुभ नहीं होगा। इस समय आपके द्वारा किये गए परिश्रम का पूर्ण फल आपको प्राप्त होगा।वृषभ राशि के लिए सूर्य सप्तम स्थान पर होगा। यहां सूर्य शत्रुता का भाव रखता है, लेकिन यह लग्नेश बुध का मित्र है तो अशुभ नहीं होगा। इस समय आपके द्वारा किये गए परिश्रम का पूर्ण फल आपको प्राप्त होगा।
मिथुन -
मिथुन राशि के लिए सूर्य षष्ठ भाव में होगा। इस राशि के जातकों के लिए सूर्य कि यह स्थिति 'पराक्रम भंग' योग बनाती है। जातक की नौकरी में बाधा आ सकती है। पराक्रम वृद्धि हेतु जातक सूर्ययाग करें।
कर्क -
कर्क राशि के लिए सूर्य पंचम भाव में होगा। इस राशि के जातकों के लिए सूर्य शुभ फलदायी होगा। जातक को अपने परिवार से पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा। उपाय हेतु जातक अपनी किसी भी खानदानी परम्परा को न तोड़ें व अपनी वादे पर कायम रहें।