Shadashtak Yog 2025: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की चाल और अन्य दूसरे ग्रहों से युति का असर हर एक व्यक्ति के जीवन पर देखने को मिलता है। ग्रह समय-समय पर राशि परिवर्तन करते हैं जिससे दूसरे ग्रहों के साथ युति का निर्माण होता है। आपको बता दें कि इस समय सभी ग्रहों में सबसे धीमी चाल से चलने वालें, कर्मफलदाता और न्यायाधीश शनिदेव अपनी स्वराशि कुंभ में हैं और छाया ग्रह माने जाने वाले केतु कन्या राशि में विराजमान हैं। शनि और केतु की ऐसी स्थिति से एक खास तरह का योग बना हुआ है, जिसे षडाष्टक योग के नाम से जाना जाता है। इस योग के चलते तरह-तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है लेकिन इन चुनौतियों के बीच एक अलग रास्ता भी बनता है। षडाष्टक योग के बनने से इसका प्रभाव सभी 12 राशियों के जातकों पर पड़ेगा। इस योग के कारण कुछ राशिवालों को अच्छा लाभ मिलने के संकेत हैं। आइए जानते हैं कौन-कौन सी हैं ये भाग्यशाली राशियां।
शनि-केतु के संयोग से बना षडाष्टक योग, इन राशियों का होगा भाग्योदय और होगा धन लाभ
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Thu, 23 Jan 2025 05:46 PM IST
सार
षडाष्टक योग के चलते तरह-तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है लेकिन इन चुनौतियों के बीच एक अलग रास्ता भी बनता है।
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